जम्मू में सेना के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने आतंकवादियों के पास हथियार की भारी कमी होने की बात कही है जिससे वह लूटपाट कर अपनी जरुरत को पूरी करने की कोशिश कर सकतें है। मामले में उन्होंने कहा कि कश्मीर में आतंकवादी हथियारों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। इसी कारण वे विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) और पुलिस थानों से हथियार छीनने या लूटपाट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान इस वक्त घबराहट की स्थिति में है और वह हथियार भेजने के लिए अलग-अलग पैंतरे आजमा रहा है। भद्रवाह में मीडियाकर्मियों से बातचीत में सिंह ने घाटी में अफगान आतंकवादियों के घुसपैठ की खबर को भी खारिज किया। सिंह ने शुक्रवार (11 अक्टूबर) को यह बात कही है।
पाकिस्तान हथियार भेजने के लिए है परेशानः सेना कमांडर ने कहा कि पाकिस्तान परेशान है क्योंकि आतंकवादी हथियारों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। बताया जाता है कि यही कारण है कि एसपीओ से हथियार छीनने या पुलिस थानों से उन्हें लूटने वे की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान भी अभी मुश्किल हालात में है, इसलिए वह कश्मीर में आतंकवादियों को हथियार आपूर्ति के लिए अलग-अलग तरीके आजमा रहा है।
भारतीय सेना का आतंकवाद-रोधी तंत्र मजबूतः कश्मीर में अफगान आतंकवादियों के घुसपैठ की खबरों के सवाल पर सिंह ने कहा कि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। मामले में उन्होंने कहा कि सेना का आतंकवाद-रोधी तंत्र बहुत मजबूत है और ऐसे प्रयासों को नाकाम करने के लिए सेना हमेशा तत्पर और सतर्क रहती है। उन्होंने आगे कहा कि अगर इसके बावजूद घुसपैठिए सीमा पार कर घुसपैठ कर जाते हैं तो उन्हें खत्म कर दिया जाएगा।
लखनपुर से होती है जम्मू कश्मीर में घुसपैठः नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर और लॉन्च पैड के बारे में बयान देते हुए सिंह ने कहा, ‘हमलोग एलओसी पर स्वयं घुसपैठ की मुहिम को नाकाम करने सक्षम हैं। यह बहुस्तरीय मुहिम है। अगर वे (आतंकवादी) पहला घेरा पार कर जाते हैं तो उन्हें दूसरे घेरे में पकड़ लिया जाएगा या हो सकता है उसके बाद के घेरे में पकड़े जा सकते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि चूंकि जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास बहुत मजबूत आतंकवाद रोधी घेरा है। इसलिए घुसपैठ देश की अन्य सीमाओं से होते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवादी लखनपुर से जम्मू कश्मीर में घुसने की कोशिश करते हैं।
हर स्थिति से निपटने के लिए सेना तैयार हैः सेना के कमांडर ने र्सिजकल स्ट्राइक के बारे में बयान देते हुए कहा, ‘यह (र्सिजकल स्ट्राइक) का विकल्प भारतीय सेना के पास हमेशा से उपलब्ध रहा है।’ उन्होंने कहा कि कौन से विकल्प का कब इस्तेमाल किया जाएगा और सेना इसे किस तरह से इस्तेमाल करेगी, यह स्थिति पर निर्भर करेगा। उनके अनुसार, सेना किसी भी तरह की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जो हालात और मौके पर निर्भर करता है।
