अमलेश राजू
दिल्ली के पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने विशेष बातचीत में कहा कोरोना के साथ ही उत्तरी पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे की जांच भी पुलिस कर रही है जो किसी भी हालात में नहीं रुकेगी। यह जांच भी जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने लगातार पुलिसकर्मियों के कोरोना के चपेट में आने के सवाल पर कहा कि पुलिस को सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई है और रुकने के लिए होटल में इंतजाम किया गया है। लेकिन उनको विशेष एहतियात बरतते हुए कोरोना की लड़ाई में अपनी भागीदारी निभानी है।
एक ऑनलाइन ऐप के माध्यम से हुई बातचीत में पुलिस आयुक्त ने कहा कि कोरोना के बीच में ही दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे की जांच चल रही है। उसका विरोध भी हो रहा है। लेकिन जो महत्त्वपूर्ण मामले हैं उसमें किसी भी प्रकार की ढील देने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना में दिल्ली में जितनी मौत हुई है उससे कुछ ही कम मौत दिल्ली दंगे में भी हुई लिहाजा यह कहना कि कोरोना के दौरान गिरफ्तारी क्यों हो रही है, जांच क्यों चालू है, यह उचित नहीं होगा। पुलिस अधिकारी सावधानीपूर्वक इस मामले की जांच कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर पूछताछ के लिए लोगों को बुला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के हालात पहले जिस तरह से थे आज उससे बहुत बेहतर है। दिल्ली पुलिस अंतरराज्यीय पुलिस के साथ मिलकर बॉर्डर पर सघन चेकिंग के साथी विशेष ध्यान रख रही है कि जरूरतमंदों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं हो और उन्हें पुलिस से कोई शिकायत नहीं रहे।
आयुक्त ने कहा कि हम यह मानकर चलते हैं कि पुलिस वाले लड़ाकों की तरह लड़ रहे हैं तो कुछ प्रभावित जरूर होंगे। अभी तक करीब 100 मामले दिल्ली पुलिस के कोरोना पॉजिटिव के आ चुके हैं लिहाजा हमने अपने सारे बलों को यह संदेश दिया है कि सावधानीपूर्वक कोरोना की जंग लड़ाई लड़े। पुलिस वालों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराया हैं। उनके लिए एक होटल का विशेष बंदोबस्त किया है। अगर कोई पुलिस वाले कोरोना पॉजिटिव हो जाते हैं तो उन्हें अच्छे अस्पताल में इलाज के साथ ही उनके संपर्क के जवानों के आराम करने के लिए होटल का बंदोबस्त किया गया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल अमित की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी अन्य कर्मी के साथ अब ऐसी स्थिति न हो।
हैदरपुर में एक दिल्ली पुलिस ने अलग से पुलिस वालों के लिए टेस्टिंग सेंटर भी खोला है। इसके अलावा पुलिस वालों के लिए हमने विशेष आयुक्त नुजहत हसन को नोडल अफसर बनाकर पूरे मामले की निगरानी का जिम्मा सौंपा है। मैं खुद प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे इस प्रकार की मामले की समीक्षा करता हूं। हमारे पास 15 फीसद अतिरिक्त पुलिस वाले हैं जिन्हें इस काम में लगाया जाएगा। उम्र दराज जवानों को पहले ही आराम करने दिया गया है। हरियाणा सीमा और मरकज मामले पर भी आयुक्त का कहना है कि दोनों ही मामलों पर पुलिस गंभीर है और कार्रवाई कर रही है।
शराब की दुकानों पर बंटे कूपन
पुलिस आयुक्त श्रीवास्तव ने कहा कि उचित दूरी का पालन करते हुए शराब की दुकान में लोग कूपन से शराब ले तो इससे भीड़ से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के पास ज्यादा जानकारी है और वह खुद गंभीरता से ले रहे हैं।

