मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित भागीरथपुरा में पिछले दिनों दूषित पानी पीने के कारण कुछ लोगों की मौत हो गई थी। इंदौर प्रशासन ने अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है जबकि स्थानीय लोगों ने 6 महीने के बच्चे समेत 17 लोगों के मरने का दावा किया है। इस बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कलेक्टर पर भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि यही उनकी शैली रही तो विपक्षी दल के कार्यकर्ता उसे ठीक कर देंगे।
जीतू पटवारी ने दी चेतावनी
जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा के इंदौर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय के कथित दौरे को लेकर चेतावनी दी। शिवम वर्मा ने बुधवार रात इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ शहर के पंत वैद्य कालोनी स्थित सुदर्शन कार्यालय का दौरा किया था और आरएसएस के मालवा प्रांत के प्रचारक राज मोहन सिंह से भागीरथपुरा दूषित जल त्रासदी सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की थी। कलेक्टर के इस दौरे की तस्वीरें और एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंदौर जिले के सांवेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर के महापौर भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा को लेकर आरएसएस के कार्यालय जाते हैं।
जीतू पटवारी ने कहा, “कलेक्टर ने बता दिया कि वह प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं और भाजपा के कार्यकर्ता के रुप में ही काम कर रहा है। राजनीतिक दलों के कार्यालय पर जाकर ड्यूटी करोगे तो याद रखना, आपके काम करने की शैली को कांग्रेस का कार्यकर्ता ठीक कर देगा। कलेक्टर को अपने कार्यालय में काम करना चाहिए, मुख्य सचिव से मिलना चाहिए और मंत्रियों और अधिकारियों से चर्चा करनी चाहिए। आप भाजपा के कार्यकर्ता के रुप में आरएसएस के कार्यालय कैसे जा सकते हैं? ये कलेक्टर को शोभा देता है क्या?”
’17 नहीं, 30 से ज्यादा…’, जीतू पटवारी ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर किया बड़ा दावा
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि इंदौर में लोगों की मौत हो रही है, जगह-जगह जहरीला पानी है और भ्रष्टाचार का स्तर ‘अद्भुत व अकल्पनीय’ है लेकिन कलेक्टर काम नहीं कर रहे हैं और संघ कार्यालय जाकर ‘भाजपा की हाजिरी’ लगा रहे हैं। इंदौर के भागीरथपुरा में पिछले दिनों दूषित जल के कारण फैले प्रकोप के चपेट में आने से में कुछ लोगों की मौत हो गई थी। इंदौर प्रशासन ने शहर में इस प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है जबकि स्थानीय लोगों ने दूषित जल पीने से छह माह के बच्चे समेत 17 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है।
कितने लोगों की हुई है मौत?
हालांकि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दो जनवरी को कहा था कि उन्हें घटना में 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। इन सब दावों के बीच सरकार ने मंगलवार को 18 पीड़ित परिवारों के बीच मुआवजे का वितरण कर दिया। जीतू पटवारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दूषित जल त्रासदी में 20 लोगों की मौत का दावा करते हुए आरोप लगाया कि इंदौर में भाजपा और प्रशासन सरकार नहीं, सर्कस चला रहे हैं। (यह भी पढ़ें- इंदौर मामले में कांग्रेस बोली- जन आंदोलन होगा)
