बिहार पुलिस ने मैट्रिक परीक्षा में पेपर लीक होने की कथित रूप से फेक खबर देने पर दो पत्रकारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) की 17 फरवरी से परीक्षाएं शुरू होने के कुछ ही दिन बाद सामाजिक विज्ञान विषय के प्रश्नपत्र के लीक होने की खबरें आईं। इस पर बोर्ड ने उस विषय की परीक्षा रद कर दी। इसके बाद अंग्रेजी विषय के प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें आईं तो बोर्ड की ओर से पटना के दो पत्रकारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। बोर्ड का आरोप है कि दोनों पत्रकारों ने प्रश्नपत्र लीक होने की फेक खबर दी है।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के अधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि, “उत्कर्ष सिंह नाम के पत्रकार ने अपने ट्विटर एकाउंट पर अंग्रेजी के प्रश्नपत्र के लीक होने की सूचना दी और उस प्रश्नपत्र को ट्विटर पर अपलोड भी कर दिया। उनके अलावा राहुल यादव ने भी प्रश्नपत्र लीक होने की फेक खबर फैलाई।”
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हाल ही में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार ने फैसला लिया था कि जो भी उनकी सरकार, मंत्रियों एवं अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर तथाकथित ‘अपमानजनक टिप्पणी’ करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और यह साइबर अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। आरोप है कि पत्रकारों के खिलाफ इसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दूसरी तरफ अफसरों ने एफआईआर में लिखा, “सोशल मीडिया पर दोनों पत्रकारों द्वारा अपलोड किए गए प्रश्नपत्रों के पन्नों की कमेटी लेवल पर जांच में पता चला कि ये पिछले साल के हैं। दोनों पत्रकारों ने पिछले साल के प्रश्नपत्रों को इस साल का बताकर अफवाह फैलाई और लोगों को धोखा दिया।”
पत्रकारों के ट्वीट के दोनों स्क्रीनशॉट एफआईआर में लगाए गए हैं। खास बात यह है कि पुलिस ने उत्कर्ष सिंह नाम के दो लोगों के ट्वीट लिए हैं। दोनों के नाम एक ही हैं, लेकिन उनमें से एक पटना के एक न्यूज चैनल के पत्रकार हैं, जबकि दूसरे दिल्ली के पत्रकार हैं। एफआईआर में यह साफ नहीं लिखा है कि दोनों में से किस उत्कर्ष सिंह ने कथित रूप से यह अफवाह फैलाई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल यादव नाम के एक अन्य व्यक्ति ने एक उत्कर्ष के ट्वीट को कॉपी कर दूसरे उत्कर्ष के ट्वीट के साथ उसका जवाब दिया है। इन ट्वीट्स को कई अन्य लोगों ने भी सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
इस बारे में पटना के कोतवाली पुलिस के एसएचओ सुनील कुमार सिंह का कहना है, “मामले की साइबर सेल से जांच कराई जा रही है। उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद यह पता चल सकेगा कि किस उत्कर्ष सिंह से पूछताछ की जानी चाहिए।

