बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पर एक बड़ा संकट छा सकता है, इसके संकेत गुरुवार को बिहार के डिप्टी विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए दिया है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया से कहा कि आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के कथित अवैध भूमि स्वामित्व से जुड़े मामलों पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग संज्ञान ले सकता है।

बता दें कि जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार ने नीतीश सरकार से लालू यादव की कथित संपत्तियों की जांच कराने की मांग की थी, इसके बाद अब डिप्टी सीएम का भी इस पर बयान सामने आया है।

‘अगर आता है आवेदन तो होगी कार्रवाई’

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का प्रभार संभाल रहे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा,”अगर इस बारे में जन कल्याण संवाद में कोई आवेदन आता है, तो विभाग के अधिकारी… हमारी सरकार निश्चित रूप से संज्ञान लेगी।” डिप्टी सीएम विजय सिन्हा जदयू प्रवक्ता की मांग पर कार्रवाई किए जाने से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

विजय सिन्हा कर रहे कार्यक्रम

डिप्टी सीएम इन दिनों में बिहार के कई जिलों में भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इन बैठकों में विभागीय अधिकारी और जमीन से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोग उनके सामने अपनी शिकायत रख रहे हैं।

अधिकारियों ने की डिप्टी सीएम की आलोचना

हालांकि, हाल ही में इन जन सुनवाइयों के दौरान विभागीय अधिकारियों के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर डिप्टी सीएम को अधिकारियों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। बिहार राजस्व सेवा संघ (बिरसा) ने सीएम नीतीश को पत्र लिखकर डिप्टी सीएम के आचरण की शिकायत की है। पत्र में दावा किया गया कि डिप्टी सीएम की टिप्पणियों से न केवल राज्य के राजस्व प्रशासन की गरिमा को गहरी ठेस पहुंची है, बल्कि पूरे सेवा संवर्ग को जानबूझकर पब्लिक के बीच हंसी का पात्र और नाराजगी का विषय बना दिया है।

डिप्टी सीएम ने इस बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में गुरुवार को कहा कि वह जन कल्याण संवाद की बैठकें जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “मैं जब तक यहां हूं, तब तक माफियाओं के खिलाफ काम करुंगा। सरकार ने मुझे लोगों की सेवा का मौका दिया है और मैं इसे जारी रखूंगा।”

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