बिहार के पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा को पुलिस ने अपनी ही बेटी की हत्या की सुपारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। शूटर ने उनकी बेटी पर फायरिंग की थी लेकिन वह बाल-बाल बच गईं। इस मामले की छानबीन के दौरान पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, बेटी के अंतरजातीय विवाह से नाखुश सारण जिले के मढ़ौरा से पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा ने ही उसकी हत्या की साजिश रची थी। बेटी को मौत के घाट उतारने का ठेका उन्होंने बिहटा के रहने वाले कांट्रैक्ट किलर अभिषेक सिंह उर्फ छोटे सरकार को दिया था। हालांकि छोटे सरकार इस वारदात को अंजाम देने में विफल रहा। एसएसपी डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लों की विशेष टीम ने आरोपी पूर्व विधायक और सुपारी किलर छोटे सरकार को गिरफ्तार कर लिया है।

इंटरकास्ट मैरिज से थे नाखुश: सुरेंद्र शर्मा की बेटी पटना में रहने वाले दूसरी जाति के एक युवक से प्यार करती थी। साल 2021 में उसने अपने प्रेमी से शादी कर ली थी। फिलहाल वह पटना के बोरिंग रोड इलाके में अपने पति के साथ रह रही है। पूर्व विधायक की बेटी का बोरिंग रोड में एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान है। रविवार को पटना के सिटी एसपी ईस्ट प्रमोद कुमार यादव ने बताया, “1 जुलाई की रात उनके प्रतिष्ठान पर अपराधियों ने बेटी के ऊपर हमला किया था। उन्हें मारने की कोशिश हुई थी, पर वह सफल नहीं हो पाए।”

मामले की जानकारी पुलिस को होने पर एसके पुरी थाने में केस दर्ज कर छानबीन शुरू की गयी। अपराधी बोरिंग रोड से बाइपास की तरफ बाइक से भागे थे। इसी क्रम में घेराबंदी कर बाइपास इलाके से अपराधियों को पकड़ा गया।

पूर्व विधायक गिरफ्तार: शर्मा ने बेटी को मारने के लिए छोटे सरकार को 20 लाख रुपए दिए थे। जिसमें उनका साथ दिया उनके सहयोगी ज्ञानेश्वर शर्मा ने। छोटे सरकार, पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा के अलावा छोटे सरकार के भाई राहुल कुमार और पूर्व विधायक के सहयोगी ज्ञानेश्वर शर्मा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कांट्रैक्ट किलर के पास से एक पिस्टल, एक कट्टा, एक मैग्जीन, नौ गोलियां, एक बाइक और घटना के समय पहना गया कपड़ा बरामद किया गया है।

सुरेंद्र शर्मा का सारण जिला में लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। हत्या, रंगदारी, अपहरण, फिरौती और डकैती के कई मामलों में पूर्व विधायक का नाम सामने आया है। हत्या के एक मामले में शर्मा को आजीवन कारावास की सजा मिली थी। लगभग 15 साल जेल में रहने के बाद सुरेंद्र शर्मा जेल से बाहर निकले थे। वहीं, किलर छोटे सरकार ने पटना के पश्चिमी इलाके नौबतपुर, बिहटा, रानी तालाब थाना क्षेत्रों में आतंक मचा रखा था। पुलिस से बचने के लिए उसने कई बार झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल को अपना ठिकाना बनाया।