महाराष्ट्र विधान सभा में अगले सोमवार से 2 दिवसीय मानसून सत्र का आयोजन होगा। यह सत्र संसदीय बाध्यता के कारण आयोजित किया जा रहा है। देश में संसद से लेकर किसी भी विधानसभा के 2 सत्रों के बीच का अंतर 6 माह से अधिक नहीं होना चाहिए।
महामारी के व्यापक खतरों के मद्देनजर विधायकों ने भी पूरी तैयारी कर रखी है। इस सत्र में विधायकों के साथ उनके सचिवों, सुरक्षा कर्मियों को मिला कर लगभग 1000 लोगों के विधान सभा परिसर में मौजूद रहने की सम्भावना है। ऐसे में विधायक सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त भोजन ले जाने की योजना में हैं।
कोल्हापुर के हटकनंगले से विधायक राजू अवाले ने सत्र में भाग लेने के लिए एक पीपीई किट खरीदी है और उन्होंने दक्षिण मुंबई में रहने वाले अपने एक मित्र से सत्र के दौरान ठहरने की बात भी कर ली है। उन्होंने कहा, ““मैं आमतौर पर आमदार निवास (एमएलए हॉस्टल) में रहता हूं। इस बार, एक एहतियाती उपाय के रूप में, मैंने अपने दोस्त के घर पर रहने का फैसला किया है। मैं पूरे पीपीई गियर में मुंबई की यात्रा करूंगा और पीपीई में सत्र में भी भाग लूंगा।
जलना जिले की बदनापुर सीट से भाजपा विधायक नारायण कुचे ने विधायक निवास में ही रहने की बात कही है। लेकिन उन्होंने एहतियातन पहले ही अपने निवास को पूरी तरह सेनेटाइज करने को कह दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि इस बार मुंबई में रहने के दौरान सिर्फ विधानसभा ही जाएँगे। कुचे ने कहा, “ इस 2 दिन के प्रतीकात्मक सत्र में ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम किसानों की समस्याएं, बाढ़ और अर्थव्यवस्था के संकट की चर्चा भी नहीं कर सकेंगे।
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की विधायक सरोज अहीर ने कहा कि मैं सत्र के दौरान काढ़ा पी सकने के लिए जरूरी चीजें ले जा रही हूँ। आपको बता दें कि वे पिछले कोरोना संक्रमित हो गईं थीं। हालांकि उन्हें बहुत हलके लक्षण थे। शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने बताया कि इस बार सुरक्षा कारणों से वे अपना भोजन खुद बनाने की तैयारी में हैं।
आपको बता दें कि विधानसभा सत्र सबसे पहले 22 जून को होना था। लेकिन महामारी के प्रकोप के कारण यह पहले तो टल के 3 अगस्त हुआ और फिर बाद में 7 सितम्बर कर दिया गया। इसके साथ ही इसकी समयावधि में भी भारी कटौती की गई है। यह सत्र 3 सप्ताह से घटाकर सिर्फ 2 दिनों का कर दिया गया है।
