मध्य प्रदेश के भोपाल में एक ट्रक से कम से कम 26 टन मांस जब्त किया गया, फिर इसे लैब टेस्ट के लिए भेजा गया जहां बीफ की पुष्टि हुई। इसके बाद अब बीजेपी सरकार के लिए यहां गले की फांस बनता दिख रहा है।

हाल में इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से 15 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें राज्य सरकार की खूब किरकिरी हुई और भोपाल नगर निगम (बीएमसी) के तहत आने वाले बूचड़खानों से इस मामले (गौमांस) को जोड़ा जा रहा है।

पदाधिकारियों ने किया स्वीकार

राज्य सरकार, नगर निगम, स्थानीय अन्य संस्था सभी भाजपा के नियंत्रण में हैं, ऐसे में पार्टी के पास इस मामले की जिम्मेदारी से बचने के सीमित ही अवसर हैं। इसे पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्वीकार भी किया है। इसके बाद विपक्ष ने इस पर बयान दिया कि यह घटना गौ संरक्षण के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता और वास्तविकता के बीच अंतर को बयां करती है।

बूचड़खाना हुआ सील

अधिकारियों ने बताया कि जब्त किया गया मांस जिंसी क्षेत्र स्थित बीएमसी के अंतर्गत संचालित एक बूचड़खाने से जुड़ा है। इस बूचड़खाने में केवल भैंसों के वध की अनुमति है, गायों या उनके बछड़ों के वध की नहीं। ऐसे में इस खुलासे के बाद बीएमसी ने कार्रवाई करते हुए 9 जनवरी को बूचड़खाने को सील कर दिया।

भोपाल की मेयर मालती राय ने कहा, “जानकारी के अनुसार बूचड़खाने के नमूने गलत पाए गए हैं। नमूने गलत पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। संबंधित अधिकारी, निजी विक्रेता या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बूचड़खाने को सील कर दिया गया है।”

12 कर्मचारियों निलंबित

बता दें कि यह बूचड़खाना एक फर्म को 4 लाख रुपये के सालाना किराए पर दिया गया था। अब कार्रवाई करते हुए एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और कम से कम 12 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

भोपाल में कई जगह प्रदर्शन

भोपाल जगह-जगह में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें कई राइट विंग समूह और कांग्रेस दोनों ने भाजपा और राज्य सरकार पर गौहत्या और गौमांस के अवैध परिवहन के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। बजरंग दल, करणी सेना और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार और मंगलवार को अक्टूबर 2025 में शुरू हुए बूचड़खाने को ध्वस्त करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।

जय मां भवानी हिंदू संगठन के भानु हिंदू ने कहा, “हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जा रहा है, जिसमें कार्रवाई की मांग की गई है।”

विपक्ष ने उठाए सवाल

मंगलवार को हुई बीएमसी की बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने इस मामले को लेकर हंगामा किया। उन्होंने भाजपा शासित बीएमसी और मेयर पर आरोप लगाया कि पार्टी पार्षदों द्वारा दिसंबर से ही चिंता जताए जाने के बावजूद वे इस मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं।

बीएमसी के विपक्ष नेता एस ज़ाकी ने कहा, “हम दिसंबर माह से लगातार इस मामले को सभी के ध्यान में लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन किसी ने हमारी एक न सुनी। फिर भी अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो हमें कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”

भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने अपना इस्तीफा दे दिया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने कहा, “यह शर्मनाक है कि यह सब हमारी नाक के नीचे हुआ। मैंने निगम को एक समय सीमा दी है कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।”

होगी सख्त से सख्त कार्रवाई

सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, “गोमांस या गाय की हत्या के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे व्यापारी हो या अधिकारी, अगर कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी… मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले में स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं।”

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