-

आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना, काम करना या OTT देखना आम बात हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रात 1 बजे के बाद सोना सिर्फ थकान नहीं, बल्कि कई मानसिक और शारीरिक बीमारियों को न्योता दे सकता है? हाल की रिसर्च और विशेषज्ञों की राय बताती है कि लेट नाइट सोना आपकी नींद, मूड, दिमाग और मेटाबॉलिज्म—सबको प्रभावित करता है। (Photo Source: Pexels)
-
देर रात सोना क्यों है खतरनाक? रिसर्च क्या कहती है
डिप्रेशन और एंग्जायटी का बढ़ता खतरा
2024 में ‘Psychiatric Research’ में छपी एक स्टडी के अनुसार, 1 बजे के बाद सोने वाले लोगों में डिप्रेशन और जनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसऑर्डर का खतरा ज्यादा पाया गया। यह खतरा उन लोगों में भी देखा गया जो खुद को नाइट आउल कहते हैं। (Photo Source: Pexels) -
मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर
रिसर्च में पाया गया कि 1 बजे से पहले सोने वालों की मानसिक सेहत तुलनात्मक रूप से बेहतर रहती है। देर रात तक जागने वालों में मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, स्ट्रेस और थकान ज्यादा देखी गई। (Photo Source: Pexels) -
सर्केडियन रिद्म का बिगड़ना
हमारी बॉडी क्लॉक यानी सर्केडियन रिद्म शरीर को बताती है कब सोना है और कब जागना। देर रात सोने से यह चक्र बिगड़ता है, जिससे दिमाग सुस्त होने लगता है, मूड अनस्टेबल रहता है, सुबह उठने में दिक्कत होती है, दिन भर आलस और कम ऊर्जा महसूस होती है। (Photo Source: Pexels) -
लेट नाइट सोना और शुगर लेवल पर असर
JAMA Network Open में प्रकाशित एक स्टडी में लगभग 1,200 लोगों पर रिसर्च की गई। इसमें पता चला कि मिडनाइट के बाद सोने वालों में ग्लाइसेमिक वैरिएबिलिटी (blood sugar fluctuation) ज्यादा होती है। (Photo Source: Pexels) -
शुगर लेवल के उतार-चढ़ाव से क्रॉनिक डिजीज और समय से पहले मृत्यु का खतरा बढ़ता है। देर रात सोने वालों में कॉर्टिसोल (stress hormone) बढ़ता है, जो मूड और मेंटल हेल्थ खराब करता है। (Photo Source: Pexels)
-
क्या जरूरी है कि हर कोई 12 बजे से पहले ही सोए?
नींद विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति का क्रोनोटाइप (body clock) अलग होता है। अगर कोई व्यक्ति देर से सोकर 7–8 घंटे की नींद पूरी कर लेता है, तो यह भी ठीक है। (Photo Source: Pexels) -
लेकिन समस्या तब आती है जब आपको सुबह जल्दी उठना पड़ता है, पर आप लेट सोते हैं, आपकी नींद कंसिस्टेंट नहीं रहती, बार-बार डीप स्लीप मिस हो जाता है, क्योंकि डीप स्लीप सबसे ज्यादा रात 10 बजे से 12 बजे के बीच होती है। (Photo Source: Pexels)
-
अगर आप रोज 1–2 बजे सोते हैं तो आप सबसे जरूरी स्लो-वेव स्लीप मिस कर देते हैं, जिसमें ग्रोथ हॉर्मोन रिलीज होता है, शरीर रिपेयर होता है, दिमाग डिटॉक्स होता है। (Photo Source: Pexels)
-
देर रात सोने के अन्य नुकसान
सुबह उठने में दिक्कत, पूरे दिन सुस्ती, कमजोर इम्युनिटी, ध्यान केंद्रित करने में समस्या, वजन बढ़ना, त्वचा और हार्मोनल इम्बैलेंस। (Photo Source: Pexels) -
बेहतर नींद के लिए क्या करें? (एक्सपर्ट-रेकमंडेड टिप्स)
प्री-नींद रूटीन बनाएं, रात को हल्की रोशनी रखें, किताब पढ़ें, सुकून देने वाला म्यूजिक सुनें। सोने से 1 घंटे पहले स्क्रीन बंद करें, मोबाइल-लैपटॉप की रोशनी मेलाटोनिन को दबाती है। सोने-जागने का समय फिक्स रखें, वीकेंड में भी नींद का पैटर्न बिगाड़ें नहीं। कैफीन और भारी खाना रात में न लें। कमरे को ठंडा, डार्क और शांत रखें। स्लीप-फ्रेंडली माहौल नींद जल्दी लाता है। (Photo Source: Pexels)
(यह भी पढ़ें: जानिए कैसे किचन में मौजूद ये मसाला करता है स्किन ग्लो बढ़ाने और इंफेक्शन रोकने में मदद)