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सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंड, सुस्ती और कई बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां लेकर आता है। ऐसे में हरी पत्तेदार सब्जियां हमारे लिए वरदान बन जाती हैं। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इस बात को मानते हैं कि ठंड के मौसम में हरी सब्जियां शरीर को मजबूती, ऊष्मा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करती हैं। आइए जानते हैं कैसे। (Photo Source: Pexels)
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पालक
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: पालक पित्त को नियंत्रित करके ठंड में आंतरिक संतुलन बनाए रखता है। यह रक्तवर्धक है और सौम्य अग्नि को तेज करता है।
वैज्ञानिक कारण: आयरन और क्लोरोफिल से रक्त शुद्धि, मैग्नीशियम से मांसपेशियों की कठोरता कम, और विटामिन C से इम्यूनिटी बढ़ती है।
सर्दियों में उपयोग: एनीमिया रोकता है और त्वचा की ड्राईनेस को कम करता है। (Photo Source: Pexels) -
मूली पत्ता
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: कफ को दूर करता है, पाचन शक्ति को बढ़ाता है और श्वसन मार्ग को शुद्ध करता है।
वैज्ञानिक कारण: एंटी इंफ्लेमेटरी, विटामिन A, C और लिवर डिटॉक्स।
सर्दियों में क्यों जरूरी: सर्दी, खांसी में राहत और skin clarity बढ़ाता है। (Photo Source: Unsplash) -
पुदीना
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: कफ और वात को खत्म करता है, श्वास नलिका साफ करता है।
वैज्ञानिक कारण: मेन्थॉल से ब्लॉक्ड नाक और कफ कम, एंटी-बैक्टीरियल।
सर्दियों में जरूरी: कनजेशन में राहत। (Photo Source: Pexels) -
सरसों साग
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: अत्यंत उष्ण और बलवर्धक। कफ और कंजेशन को कम करता है। सर्दियों में यह सबसे श्रेष्ठ सब्जी मानी जाती है।
वैज्ञानिक कारण: विटामिन K, A, E और फोलेट से इम्यूनिटी बढ़ती है। यह लिवर डिटॉक्स में मदद करता है और शरीर में गर्माहट पैदा करता है।
सर्दियों में उपयोग: सर्दी और खांसी जैसी सीजनल इंफेक्शन से बचाव करता है और मेटाबॉलिज्म तेज करता है। (Photo Source: Unsplash -
मोरिंगा
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: त्रिदोष संतुलन, ओज (immunity और vitality) बढ़ती है, अग्नि संतुलित।
वैज्ञानिक कारण: मल्टीविटामिन जैसी पत्तियां, विटामिन सी, ए, आयरन, प्रोटीन, एंटी-इंफ्लेमेटरी।
सर्दियों में उपयोग: प्यास, थकान, कमजोरी दूर करता है। (Photo Source: Freepik) -
हरा प्याज
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: गर्माहट देने वाला, कनजेशन को ढीला करता, पाचन शक्ति को सुधारता है।
वैज्ञानिक कारण: सल्फर कंपाउंड्स से सर्दी और फ्लू से बचाव, आयरन से सर्दियों की थकान कम होती है।
सर्दियों में जरूरी: सर्दियों के इंफेक्शन्स से सुरक्षा। (Photo Source: Pexels) -
हरा धनिया
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: शीतल लेकिन पाचक। पित्त शांत करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालता है।
वैज्ञानिक कारण: विटामिन C और पोटेशियम से शरीर डिटॉक्स होता है और हेवीनेस कम होती है।
सर्दियों में उपयोग: पाचन सुधारता है और शरीर को हल्का महसूस कराता है। (Photo Source: Pexels) -
मेथी पत्ता
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: उष्ण तासीर वाली मेथी पत्तियां वात और कफ को संतुलित करती हैं। यह भूख बढ़ाने और पाचन शक्ति को तेज करने में मदद करती हैं। इसके अलावा, यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और रक्त शुद्ध करने में भी सहायक है।
वैज्ञानिक कारण: फाइबर से भरपूर, जिससे पाचन सहज रहता है। आयरन शरीर की कमजोरी को दूर करता है। एंटीऑक्सिडेंट सूजन को कम करते हैं।
सर्दियों में उपयोग: शरीर में प्राकृतिक गर्माहट देती हैं, सुस्ती और गैस को कम करती हैं, और इम्यूनिटी बढ़ाती हैं। (Photo Source: Freepik) -
बथुआ
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: शीतल और रूक्ष, लेकिन पाचन सुधारक। वात कम और कफ नियंत्रित करता है। कब्ज, गैस और एसिडिटी में मददगार।
वैज्ञानिक कारण: फाइबर से gut साफ रहता है, Zinc से त्वचा स्वस्थ, कैल्शियम से हड्डियां मजबूत।
सर्दियों में उपयोग: भारी भोजन का काउंटर बैलेंस करता है और पेट साफ रखता है। (Photo Source: Unsplash) -
चौलाई
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: वात को शांत करता है, रक्त को मजबूत और शुद्ध करता है।
वैज्ञानिक कारण: हाई कैल्शियम और प्लांट प्रोटीन, शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स।
सर्दियों में उपयोग: हड्डियों और जोड़ों के लिए बढ़िया। (Photo Source: Unsplash) -
हरा लहसुन
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: गर्म, पाचक अग्नि बढ़ाता है और कफ कम करता है। हृदय के लिए लाभदायक।
वैज्ञानिक कारण: एलिसिन (Allicin) वायरस और फंगल इन्फेक्शन रोकता है। रक्त को पतला करने से सर्दियों में खून के गाढ़े होने का खतरा कम हो जाता है।
सर्दियों में क्यों जरूरी: इम्यूनिटी बूस्टर और स्टिफनेस कम करता है। (Photo Source: Freepik) -
सर्दियों में हरी सब्जियों का महत्व
सर्दियों का मौसम शरीर की पाचन शक्ति (अग्नि) को प्राकृतिक रूप से तेज करता है। यही कारण है कि आयुर्वेद सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियों को ‘इनहैंसर’ मानता है। हरी सब्जियां कफ और जमाव कम करती हैं, पाचन और मेटाबॉलिज्म को संभालती हैं, त्वचा को ड्राइनेस से बचाती हैं, इम्यूनिटी को तेज करती हैं, जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों को पोषण देती हैं, रक्त को शुद्ध करती हैं, शरीर में गर्माहट पैदा करती हैं। (Photo Source: Pexels) -
आयुर्वेद कहता है ‘शीतकाले बलवर्धनम्।’ यानी सर्दियों का मौसम—शक्ति बढ़ाने का मौसम है। इसलिए अपनी थाली में सर्दियों में हरी सब्जियां शामिल करना न भूलें। ये न केवल स्वाद बढ़ाती हैं, बल्कि शरीर को अंदर से स्वस्थ, मजबूत और गर्म रखती हैं। (Photo Source: Pexels)
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