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बॉलीवुड के मंझे हुए अभिनेता इरफान खान अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने 53 साल की उम्र में दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। मंगलवार को ही अभिनेता के पेट में संक्रमण की शिकायत आई थी। उन्हें कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बुधवार को उन्होंने सुबह के 11 बजे अंतिम सांस ली। खान का 2018 में कैंसर की बीमारी का इलाज हुआ था। 25 अप्रैल को ही इरफान की 95 वर्षीय मां सईदा बेगम का जयपुर में निधन हुआ था। कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाये गये लॉकडाउन के कारण वह अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाये थे लेकिन उस दिन किसी को यह नहीं मालूम था कि 4 दिन बाद वे भी अपनी मां से मिलने के लिए दुनिया से रुख़सत कह देंगे। आइए जानते हैं इरफान से जुड़ीं तमाम बातें। (All Photos- Facebook)
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कैंसर की बीमारी से निजात पाने के बाद 2019 में वापसी करते हुए अभिनेता ने 'अंग्रेजी मीडियम' फिल्म की शूटिंग की थी। फिल्म की कहानी बेहतरीन है लेकिन लॉकडाउन के चलते फिल्म सिनेमा घरों में ज्यादा दिन नहीं टिक पाई।
इरफान खान ने ना सिर्फ बॉलीवुड बल्कि हॉलीवुड तक में अपने अभिनय का लोहा मनवाया है। जयपुर के टोंक में 1967 में मुस्लिम पठान परिवार में जन्मे इरफान का पूरा नाम साहबजादे इरफान अली खान है। -
'नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ दिल्ली से इरफान खान ने 1984 में एक्टिंग में एंट्री ली। जहां उन्हें स्कॉलरशिप मिली और इरफान ने वहां से 1984 में एक्टिंग की शिक्षा ली और बाद में वह मुंबई जा पहुंचे। हालांकि उन्हें फिल्मों में तुरंत मौका नहीं मिला।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की, 'चाणक्य', 'भारत एक खोज', 'सारा जहां हमारा', 'बनेगी अपनी बात', 'चंद्रकांता' और 'श्रीकांत' जैसे सीरियल में अभिनय करते हुए अदाकारी की बारीकियां सीखीं। इरफान को बड़े पर्दे पर पहली बार मौका दिया फिल्म मेकर मीरा नायर ने फिल्म थी 'सलाम बॉम्बे'। इस फिल्म में इरफान को एक कैमियो रोल दिया गया था और बाद में वो भी हटा दिया गया। इस बात से उन्हें थोड़ा बुरा लगा लेकिन उनके अंदर आत्मविश्वास था और लगातार प्रयास करते रहे। -
साल 1990 इरफान को फिल्म 'एक डॉक्टर की मौत' में अभिनय का मौका मिला और फिल्म को क्रिटिक्स द्वारा खूब सराहा गया। इस फिल्म के बाद इरफान की झोली में 'द वॉरियर' और 'मकबूल' जैसी कहानियों में काम करने के ऑफर मिले।
लंबे संघर्ष के बाद इरफान खान को लीड रोल साल 2005 में फिल्म 'रोग' में मिला था जिसके बाद उन्होंने फिल्म 'हासिल' में खलनायक की भूमिका निभाई। ऐसे शिद्दत से निभाई की उस साल का 'बेस्ट विलेन' का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी अपने नाम कर लिया था। हालांकि बाद में वे कई फिल्मों में लीड अभिनेता के रूप में नजर आए।