दिल्ली विधानसभा के दूसरे दिन सदन में उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब विपक्ष के नेता विजेंद्र्र गुप्ता सत्ता पक्ष के रुख से आहत होकर अपनी मेज पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जोर-जोर से बोलने लगे। जवाब में मुख्यमंत्री समेत सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने विजेंद्र गुप्ता की पार्षद पत्नी शोभा गुप्ता पर लगे आरोपों का मुद्दा भी उठाया। इस पर विपक्ष के वाकआउट करने के बाद सदन में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई। बाद में सदन में नगर निगम की कार्यप्रणाली की जांच करने को लेकर एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव पास किया गया। इसी दौरान सदन में आम राय से सत्ता पक्ष की राखी बिड़ला को विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया।
WATCH: BJP’s Vijender Gupta stand on a bench to protest against Delhi Govt inside State Assemblyhttps://t.co/fY9FQyEzI0
— ANI (@ANI_news) 10 June 2016
हंगामे की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में मांग की कि शीला दीक्षित के कार्यकाल में पानी टैंकर घोटाले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) का नियंत्रण दिल्ली सरकार को दिया जाए। भाजपा ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के नेता ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आए। विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा करने पर अड़ गए। सदन में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि गुप्ता शीला दीक्षित सरकार के कार्यकाल से जुड़ा मामला उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे जांच के लिए तैयार हैं, सिर्फ एंटी करप्शन शाखा उनके हवाले कर दो। लेकिन सदन में विपक्ष के नेता अपनी चर्चा की मांग पर अड़ गए। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने जब उन्हें उसकी अनुमति नहीं दी तो नाराज होकर विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता डेस्क पर खड़े हो गए। बाद में वे सदन का बहिष्कार करके चले गए।
उनके जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने गुप्ता की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस मुद्दे की जांच करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि केंद्र ने ‘अर्द्धसैनिक बलों’ का इस्तेमाल कर एसीबी अपने नियंत्रण में ले लिया। दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा की ओर से सौंपी गई तथ्यान्वेषी रिपोर्ट में इस मुद्दे का जिक्र है। उन्होंने गुप्ता से कहा कि वे दिल्ली जल बोर्ड की तथ्यान्वेषी समिति की रिपोर्ट उन्हें दे देंगे।
केजरीवाल ने कहा कि एंटी करप्शन शाखा 40 साल से दिल्ली सरकार के अधीन थी, आप पार्टी की सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही कर रही थी, लेकिन मोदी सरकार ने उस पर कब्जा कर लिया। केजरीवाल ने सदन में गुप्ता की गैर मौजूदगी में कहा कि वे टैंकर घोटाले की जांच के लिए भी तैयार हैं और गुप्ता की पार्षद पत्नी शोभा के पेंशन घोटाले की भी जांच के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका इतना दृढ़ निश्चय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी डर गए। अतएव उन्होंने पिछले साल आठ जून को अर्द्धसैनिक बल एसीबी में भेजा और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा को इस मामले की जांच की मांग के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग को पत्र लिखने की चुनौती दी। सिसोदिया ने गुप्ता के आचरण को अप्रत्याशित व शर्मनाक करार दिया।
सदन में केजरीवाल ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उपराज्यपाल नजीब जंग किसी ‘काल्पनिक’ विज्ञापन घोटाले को लेकर उनके उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें ये भी जानकारी मिली है कि प्रिमियम बस घोटाले में दिल्ली के मंत्री गोपाल राय को भी समन भेजे जा रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने मनीष सिसोदिया से कह दिया है कि वे सोमवार को स्वयं इस मामले की फाइलें लेकर एंटी करप्शन शाखा जाएं और सारा पक्ष रखें।
केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दो काम हैं, या तो वे विदेश घूमते हैं, या फिर उनकी सरकार के खिलाफ कोई न कोई कदम उठाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह से दलित, अल्पसंख्यक विरोधी पार्टी है। भाजपा का बस चले तो वह इन्हें प्रशांत महासागर में फेंक दें। उन्होंने कहा कि एलजी और मोदी जान लें कि हम मजबूत लोग हैं जो सच्चाई की राह पर चलते हैं। हम आपकी कायराना धमकियों से भयभीत नहीं हैं।
सदन में दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष के विधायकों ने जमकर निगम पर भष्टाचार करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आप पार्टी की सरकार ने तीनों निगमों को पहले से सबसे ज्यादा पैसा दिया, लेकिन वह पैसा निगम में बैठे नेता खा गए। सदन में सता पक्ष के सदस्य सोमनाथ भारती ने निगम की कार्य प्रणाली की जांच विधानसभा की कमेटी से करवाने का प्रस्ताव रखा, जो विपक्ष की गैरमौजूदगी में पास हो गया। सदन की कार्यवाही एक दिन के लिए आगे बढ़ा दी गई है। अब सदन सोमवार को भी बैठेगा।
