Indore Deaths: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से लोगों की मौतों का मामला गंभीर होता जा रहा है। जैसे-जैसे मौतों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। यह विवाद सिर्फ सरकार और विपक्ष के बीच ही नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा के अंदर भी खुलकर सामने आ गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह हादसा पानी की पाइपलाइन में रिसाव की वजह से हुआ और इसकी जांच की जा रही है। लेकिन विपक्षी दलों के साथ-साथ भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता भी इसे सरकार और प्रशासन की बड़ी लापरवाही बता रहे हैं और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि इस त्रासदी के लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार हैं और इसे केवल तकनीकी खराबी कहकर टाला नहीं जा सकता।
उमा भारती ने कहा कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है।
उन्होंने मुआवजे पर सरकार के जोर को खारिज करते हुए कहा, “जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीडितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा।” इसे मौजूदा नेतृत्व के लिए एक निर्णायक क्षण बताते हुए भारती ने कहा, “यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।”
एक अन्य पोस्ट में उमा भारती ने अधिकारियों के इस दावे पर सवाल उठाया कि स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर थी। उन्होंने लिखा, “सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।” भारती ने कहा कि मेरी ‘X’ पर प्रतिक्रिया के बाद मीडिया के पत्रकार भाई बहनों से नहीं मिल पाने के लिए क्षमा मांगती हूं, अभी 3 दिन पहले मेरी दाईं आंख की सर्जरी (ऑपरेशन) हुई है, मोबाइल, फोन पर बात करना, धूप, धूल सब पर रोक लगी है, अभी 7 दिन बाहर नहीं निकलना, ना मुलाकात कर पाना है, क्षमा मांगती हूं।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने जोर देकर कहा, “इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? उमा भारती ने कहा कि ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!”
इंदौर में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने शुक्रवार (2 जनवरी 2025) को आरोप लगाया कि बीजेपी शासित मध्य प्रदेश कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों की मौत पर हमेशा की तरह खामोश हैं। उन्होंने यह दावा किया कि जीवन के अधिकार की हत्या के लिए बीजेपी का डबल इंजन जिम्मेदार है।
इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया- राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से बीजपी नेताओं के अहंकारी बयान जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी, सरकार ने घमंड परोस दिया।” उन्होंने सवाल किया कि लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की तो फिर सुनवाई क्यों नहीं हुई?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते आपूर्ति बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये फोकट सवाल नहीं, ये जवाबदेही की मांग है. साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है और इस अधिकार की हत्या के लिए बीजेपी का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।”
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया, “मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है. कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।”
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक कम से कम 11 लोगों की आधिकारिक तौर पर मौत की पुष्टि हो चुकी है और 1,400 से अधिक निवासी बीमार पड़ चुके हैं। दूषित पानी का स्रोत स्थानीय पुलिस चौकी के पास स्थित एक सार्वजनिक शौचालय के नजदीक मुख्य पाइपलाइन में रिसाव बताया जा रहा है, जिसके कारण कथित तौर पर सीवेज पीने के पानी में मिल गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए हैं और तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। साथ ही जांच पूरी होने के बाद कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। वहीं, कुछ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
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