कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्वीकार किया कि पार्टी के साथ उनके मतभेद चल रहे हैं। इस बीच उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। शनिवार को शशि थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संविधान को पवित्र मानते हैं। शशि थरूर ने 2016 में अमेरिकी कांग्रेस में दिए गए पीएम मोदी के भाषण का हवाला दिया। इसमें पीएम मोदी ने संविधान को अपनी पवित्र किताब कहा था।

भारतीय संविधान समय की कसौटी पर खरा उतरा- थरूर

कोझिकोड में केरल लिटरेचर फेस्टिवल में बोलते हुए शशि थरूर ने कहा कि भारतीय संविधान समय की कसौटी पर खरा उतरा है। उसने एक ऐसी पार्टी के सत्ता में आने का मौका दिया, जिसके वैचारिक पूर्वजों (RSS) ने खुले तौर पर संविधान को खारिज कर दिया था और फिर भी यह बचा रहा। शशि थरूर ने याद दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद पार्टी की कथित तौर पर संविधान को खत्म करने की योजनाओं के बारे में शोर मचा था। इस दौरान ये भी रिपोर्ट आई कि RSS विचारक केएन गोविंदाचार्य एक नए संविधान का ड्राफ्ट लिख रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर पर थरूर ने की है पीएम मोदी की तारीफ

शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर कड़ा रुख अपनाया था और इसके बारे में वह माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद द इंडियन एक्सप्रेस के लिए एक कॉलम लिखा था, जिसमें कहा था कि इसे बिना सज़ा के नहीं छोड़ा जाना चाहिए। शशि थरूर ने कहा कि जब पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने ठीक वही किया जो उन्होंने सुझाया था, तो उन्हें हैरानी हुई।

राहुल गांधी से नाराजगी की खबरों पर पहली बार खुलकर बोले शशि थरूर

कांग्रेस पार्टी और थरूर के बीच चल रहे मतभेद

कांग्रेस पार्टी और थरूर के बीच मतभेद चल रहे हैं और इसका खुलासा भी कांग्रेस सांसद ने खुद ही किया। थरूर ने कहा कि पार्टी के साथ उनके कुछ मुद्दे हैं जिन्हें वह नेतृत्व के सामने उठाएंगे, और किसी भी आंतरिक मतभेद पर संगठन के अंदर चर्चा होनी चाहिए, न कि मीडिया के माध्यम से। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्होंने संसद में कभी भी पार्टी के बताए गए रुख का उल्लंघन नहीं किया है।

शशि थरूर ने कहा, “मैं बस इतना कह सकता हूं कि कुछ मुद्दे हैं जिन्हें मुझे अपनी पार्टी के नेतृत्व के साथ उठाना है, न कि किसी सार्वजनिक मंच पर। मैं संसद के लिए दिल्ली जा रहा हूं और मुझे विश्वास है कि मुझे पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी चिंताओं को बहुत स्पष्ट रूप से रखने और उनका दृष्टिकोण जानने का मौका मिलेगा। एक उचित बातचीत होगी। मैं पिछले 17 सालों से कांग्रेस में हूं। बहुत दूर न जाएं। जहां तक मेरा सवाल है, जो कुछ भी गलत हुआ है, उसे ठीक करने की ज़रूरत है और इसे एक उचित मंच पर ठीक किया जाएगा।”

राहुल ने नहीं लिया था मंच पर थरूर का नाम

बता दें कि केरल में विधानसभा चुनावों से पहले ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने दिल्ली में राज्य के टॉप पार्टी नेताओं के साथ एक ज़रूरी मीटिंग की, लेकिन थरूर उसमें मौजूद नहीं थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोच्चि में पार्टी की बड़ी महापंचायत में हुई घटना के बाद थरूर नाराज बताए जा रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपना भाषण शुरू करते समय मंच पर मौजूद कई नेताओं के नाम लिए, लेकिन थरूर का नाम नहीं लिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार शशि थरूर को राहुल गांधी के मंच पर आने से पहले अपना भाषण खत्म करने के लिए कहा गया था। वहीं राहुल गांधी की मौजूदगी में कम से कम छह पार्टी नेताओं (जिनमें से कुछ गैर-कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य थे) ने उनके बाद भाषण दिया। नवंबर 2024 में शशि थरूर ने वंशवादी राजनीति पर एक आर्टिकल लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने इस विचार को पक्का कर दिया कि राजनीतिक नेतृत्व जन्मसिद्ध अधिकार हो सकता है। पढ़ें राहुल गांधी से क्यों नाराज हैं शशि थरूर?