राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गड्ढे में गिरने एक सात वर्षीय मासूम की मौत का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी में पिछले सप्ताह यह घटना उस वक्त घटी जब मासूम टूटी हुई सड़क की चपेट में आ गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें उसे अपने बड़े भाई के पीछे भागते हुए देखा गया, इसी बीच वो कंक्रीट की सड़क पर गिर गया। मृतक के परिवार का आरोप है कि गंभीर हालत में उसे तुंरत सरकार द्वारा संचालित कल्याणपुरी में लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बिना चाचा नेहरु हॉस्पिटल में रेफर कर दिया। यहां पहुंचे तो डॉक्टरों ने तर्क दिया कि उनके यहां एमआरआई की सुविधा नहीं है।
परिवार को मुताबिक गंभीर हालत में बच्चे को प्रतापगंज स्थित मैक्स हॉस्पिल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अब नाराज परिजनों ने धमकी दी है कि अगर सड़क की मरम्मत और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो पूरा परिवार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर देगा। बच्चे की मां के मुताबिक घटना बीते गुरुवार को लाइन नंबर 11 पर उस वक्त घटी जब साहिल अपनी चाचा के घर जा रहा था। वो रास्ते में ही था कि वो फिसलकर सड़क के एक टूटे हुए हिस्से में जा गिरा। उसे नीचे गिरा देख कुछ रहागीरों ने गड्ढे से बाहर निकाला।
मृतक की मां राखी कौर ने कहा, ‘उस वक्त उसकी नाक से खून बह रहा था।’ उन्होंने आगे कहा कि मेरा बेटा पूरी तरह स्वस्थ था और उसका किसी तरह का इलाज भी नहीं चल रहा था। अगले महीने उसका आठवां जन्मदिन था और हम उसकी तैयारियों की योजना बना रहे थे।
राखी कौर के मुताबिक घटना के तुंरत बाद जब साहिल बेहोश होने लगा तो उसके पिता सतीश उसे तुरंत एलबीएस हॉस्पिटल लेकर गए। उन्होंने कहा, ‘हालांकि जब हम हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉक्टरों ने मेरे बेटे को देखने से इनकार कर दिया और उसे चाचा नेहरू हॉस्पिटल जाने को कहा। हमने डॉक्टरों से साहिल का प्राथमिक उपचार करने को कहा मगर उन्होंने इससे इनकार कर दिया। वो ठंडा पड़ने लगा। हमने उसे तुरंत मैक्स हॉस्पिटल ले जाने का फैसला लिया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।’
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आठ फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाने हैं और सभी मुख्य पार्टियां जोर-शोर से प्रचार करने में जुटी हैं। दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP), भाजपा और कांग्रेस लगातार मतदाओं को अपने ओर आकर्षित करने की कोशिश में जुटी हैं। आप का दावा है कि उसने स्कूल, सड़क, स्वास्थ्य और हॉस्पिटल को बेहतर बनाने में खासा ध्यान दिया है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने दिल्ली में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी की सड़कें दिल्ली से बेहतर हैं।

