सागर राणा मर्डर केस में पहलवान सुशील कुमार (38) अरेस्ट कर लिए गए हैं। रविवार सुबह दिल्ली पुलिस के स्पेशल ने उन्हें एक अन्य व्यक्ति (सह-आरोपी) के साथ दबोचा।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, “स्पेशल सेल एसआर की एक टीम ने इंस्पेक्टर शिवकुमार और इंस्पेक्टर करमवीर के नेतृत्व और एसीपी अत्तर सिंह के सुपरविजन में सुशील कुमार और अजय उर्फ सुनील (48) को दिल्ली के मुंडका इलाके से 23 साल के सागर राणा की छत्रसाल स्टेडियम में हुई मौत के मामले में पकड़ा है।” दरअसल, कुमार पर आरोप है कि वह 23 साल के रेसलर राणा की मौत के मामले में लिप्त हैं। कहा जा रहा है कि वह इसी वजह से कई दिनों से फरार चल रहे थे, जबकि पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए दबिश दे रही थी।
पुलिस का कहना है कि कुमार और उसके सहयोगियों ने साथी राणा और उसके दो दोस्तों (सोनू व अमित कुमार) पर चार मई को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हमला किया था। तीनों को इस घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराने तक की नौबत आ गई थी, जिसके बाद जख्मी राणा ने दम तोड़ दिया था।
पिछले हफ्ते दिल्ली पुलिस ने उन पर एक लाख रुपए का ईनाम घोषित किया था, जो कि चार मई के बाद से गायब हो गए थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए दिल्ली के साथ कुछ आसपास के शहरों और सूबों में भी दबिश दी थी। बाद में 18 मई को कुमार ने रोहिणी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, ताकि वह गिरफ्तारी से बच सकें। उनके वकील का दावा था कि पहलवान के खिलाफ जांच एकपक्षीय है।
वैसे, दिल्ली की अदालत ने सुशील को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि कुश्ती खिलाड़ी सुशील प्रथमदृष्टया मुख्य षड्यंत्रकर्ता हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं। सुशील और छह अन्य के खिलाफ इस मामले में गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। इससे पहले पहलवान सुशील के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।
#WATCH | A team of Delhi Police Special Cell arrested Wrestler Sushil Kumar; visuals from Saket Police Station.
(Source: Delhi Police) pic.twitter.com/tauURqxvC2
— ANI (@ANI) May 23, 2021
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (हत्या), 308 (गैर इरादतन हत्या), 365 (अपहरण), 325 (गंभीर चोट पहुंचाना), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। भारतीय दंड संहिता की धाराओं 188 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा), 269 (लापरवाही के कारण बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना), 120-बी (आपराधिक साजिश) और 34 (साझा इरादा) तथा शस्त्र कानून की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
ओलंपियन सुशील कुमार को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस ने उसे दिल्ली की अदालत में पेश किया। जहां पुलिस ने कोर्ट से सुशील कुमार के 12 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की। पुलिस के वकील ने कोर्ट में कहा कि सुशील कुमार और उसके साथियों ने पांचो पीड़ितों को जानवरों की तरह पीटा। साथ ही वकील ने कहा कि आरोपी सुशील कुमार ने पुलिस से भागने और छिपने के लिए कुख्यात गैंगस्टरों की मदद ली। इसलिए सभी पहलुओं की जांच के लिए 12 दिन की पुलिस कस्टडी दी जाए। वहीं सुशील कुमार के वकील ने 12 दिन के पुलिस कस्टडी का विरोध करते हुए कहा कि हत्या में शामिल सभी पहलुओं की जांच एक दिन में की जा सकती है।
सुशील कुमार मूल रूप से दिल्ली के निवासी हैं। वह भारत के लिए दो बार ओलंपिक गेम्स में पदक जीत चुके हैं। उन्होंने साल 2008 के बीजिंग ओलंपिक्स में ब्रोंज मेडल और 2012 में लंदन के ओलंपिक्स में सिल्वर मेडल जीता था। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
