कांग्रेस ने अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) के काम में शामिल बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) की मौत का मुद्दा उठाया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर लिखा है कि मतदाता सूची के एसआईआर के नाम पर देशभर में अफरा-तफरी मचा दी गई है।
राहुल गांधी ने बीजेपी पर हमला बोला और कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया एक थोपा गया जुल्म और लोगों को परेशान करने की सोची-समझी चाल है। राहुल ने आरोप लगाया है कि अनावश्यक दबाव के कारण हुई बीएलओ की मौतों को ‘‘कोलैटरल डैमेज’’ मान कर अनदेखा कर दिया गया है।
राहुल गांधी ने एक न्यूज पेपर की कटिंग को शेयर किया है जिसमें लिखा है कि 19 दिन में 6 राज्यों में 16 बीएलओ की मौत हो चुकी है।
‘काम का बहुत दबाव था…’, पश्चिम बंगाल में एक और BLO ने की आत्महत्या
राहुल ने कहा, ‘तीन हफ्तों में 16 बीएलओ की जान चली गई। दिल का दौरा, तनाव, आत्महत्या- एसआईआर कोई सुधार नहीं, थोपा गया जुल्म है।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने लिखा है कि चुनाव आयोग ने एक ऐसी प्रक्रिया बनाई है, जिसमें लोगों को अपना नाम तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के स्कैन किए हुए हजारों पन्ने पलटने पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘मकसद साफ है- सही मतदाता थककर हार जाए और ‘वोट चोरी’ बिना रोक-टोक जारी रहे।’
चुनाव आयोग की नीयत पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि भारत दुनिया के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाता है लेकिन निर्वाचन आयोग आज भी कागजों का जंगल खड़ा करने पर ही अड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया, ‘अगर नीयत साफ होती, तो सूची डिजिटल प्रारूप में, आसानी से नाम तलाशने और मशीन के पढ़े जाने के योग्य होती और चुनाव आयोग 30 दिन के भीतर हड़बड़ी में अंधाधुंध काम करवाने के बजाय उचित समय लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान देता।’
गांधी ने कहा है कि एसआईआर एक सोची-समझी चाल है, जिसके जरिये लोगों को परेशान किया जा रहा है। राहुल ने आरोप लगाया है कि सत्ता की रक्षा के लिए लोकतंत्र की बलि दी जा रही है।
मल्लिकार्जुन खड़गे हुए हमलावर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मुद्दे पर भाजपा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर का जल्दबाजी में किया गया क्रियान्वयन नोटबंदी और कोविड-19 लॉकडाउन की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘वोट चोरी’ अब जानलेवा रूप ले चुकी है।
पश्चिम बंगाल में इस खास रणनीति पर काम कर रहीं ममता बनर्जी
खरगे ने X पर लिखा, ‘‘मेरी संवेदनाएं हर उस परिवार के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। जमीनी हकीकत की बात करें तो मृतकों की वास्तविक संख्या बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है, जो बेहद चिंताजनक है। इन परिवारों को न्याय कौन दिलाएगा?’ कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की सत्ता की भूख संस्थाओं को लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए मजबूर कर रही है, संविधान की धज्जियां उड़ा रही है और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
ममता बनर्जी ने भी उठाया मामला
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में बीएलओ के रूप में कार्यरत एक महिला शनिवार को अपने घर पर फंदे से लटकी हुई मिली। पुलिस के मुताबिक, मृतका के परिजनों ने दावा किया कि वह काम को लेकर काफी तनावग्रस्त थी, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। बीएलओ की मौतों के मामले को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उठाया है और चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया को रोकने की मांग की है।
