प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्तूबर की शाम छह बजे देश को संबोधित किया। त्योहारों के मद्देनज़र पीएम ने जनता से अपील की कि कोरोना से लड़ाई में जरा भी लापरवाही ना बरतें। मास्क लगाएँ, उचित शारीरिक दूरी बनाए रखें और समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें।
पर, प्रधानमंत्री ने चुनाव लड़ रहे नेताओं के बारे में एक शब्द नहीं कहा। ये नेता खुले आम इन निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं। ये निर्देश सरकारी हैं, ये जानते हुए भी। मालूम हो कि बिहार में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में उपचुनाव हैं। सभी जगह भाजपा सहित तमाम पार्टियों के नेता बिना मास्क, भारी भीड़ जुटाते देखे जा सकते हैं। बिहार में भाजपा के कई नेताओं ने कहा है कि राज्य में कोरोना नहीं है।
इस सरकारी तथ्य के बावजूद कि बिहार में हज़ार से ऊपर लोग इस वायरस के शिकार होकर जान गंवा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। पीएम के संबोधन के दौरान ट्विटर पर डिस्लाइक हैशटैग ट्रेंड करने लगा।
दरअसल पीएम मोदी के संबोधन के दौरान भाजपा के यूट्यूब चैनल पर लाइक की तुलना में डिस्लाइक बढ़ने लगे। इसके बाद संबोधन के वीडियो पर डिस्लाइक का बटन बंद कर दिया गया। एक यूजर @Nher_who ने लिखा कि चंद मिनटों में 4.5 हजार डिस्लाइक के बाद डिस्लाइक बटन को डिसेबल कर दिया गया।
यूजर ने एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया जिसमें पहले डिस्लाइक की संख्या दिख रही है। इसके बाद डिस्लाइक की संख्या गायब है। एक अन्य यूजर @AnshuShine ने लिखा कि कब तक बटन बंद करके बचोगे कभी तो सामना करना पड़ेगा पब्लिक का। एक यूजर ने लिखा कि टाइम पास कर काहे आ जाते हैं …अब बोलना शुरू किए हैं तो कुछ ढंग की बात कर लीजिए।
एक यूजर ने लिखा की मोदी चाचा डर गए। यूजर मयंक श्रीवास्तव ने लिखा मोदीजी आपने बेरोजगारी दी हम कुछ नहीं बोले। पर आप हमसे डिस्लाइक का अधिकार भी छीन रहे हैं ये गलत बात है।
