संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और यह 19 दिसंबर तक चलेगा। माना जा रहा है कि इस दौरान संसद में जबरदस्त हंगामा होगा क्योंकि ज्यादातर विपक्षी दलों ने मांग उठाई है कि एसआईआर पर चर्चा कराई जानी चाहिए। इससे पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई।
केंद्र सरकार ने कहा है कि वह गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी। सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चुटीले अंदाज में यह भी कहा कि यह शीतकालीन सत्र है और इसमें सबको ‘‘ठंडे दिमाग से’’ काम करना चाहिए।
एसआईआर के अलावा बाकी मुद्दे भी उठाए
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक में एसआईआर के साथ ही दिल्ली विस्फोट के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही, उन्होंने वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और कुछ अन्य विषयों पर सत्र के दौरान चर्चा कराने का आग्रह किया। सर्वदलीय बैठक में 36 राजनीतिक दलों के 50 नेता शामिल हुए।
यूजीसी को किया जा सकता है खत्म
सर्वदलीय बैठक के बाद रविवार शाम को लोकसभा और राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठकें हुईं, जिनमें विपक्ष ने चुनाव सुधारों के व्यापक मुद्दे पर चर्चा की मांग रखी। सरकार ने विपक्ष को आश्वासन दिया कि वह जल्द ही इस पर अपनी राय बताएगी। सरकार ने वंदे मातरम की रचना की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा पर जोर दिया लेकिन कई विपक्षी दलों ने इसको लेकर उत्साह नहीं दिखाया।
विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि वे चाहते हैं कि सोमवार दोपहर दो बजे एसआईआर पर चर्चा शुरू हो लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई। विपक्षी दलों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी रुकावट के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
क्या बोले रिजिजू?
रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक को सकारात्मक बताया और कहा, ‘‘बैठक में जो भी सुझाव आए हैं, उनको विचार के बाद बीएसी (कार्य मंत्रणा समिति) में रखा जाएगा। सरकार की तरफ से आश्चासन देता हूं कि संसद का शीतकालीन सत्र अच्छी तरह से चलाने के लिए विपक्ष के साथ बातचीत करते रहेंगे। विपक्षी दलों के नेताओं से अनुरोध है कि संसद को अच्छी तरह से चलाने में सहयोग करें।’’
एसआईआर के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी दलों में कई नेता हैं, जो संसद चलाना और मुद्दे उठाना चाहते हैं। इसलिए यह कहना ठीक नहीं है कि सभी विपक्षी दल एसआईआर का मुद्दा उठाकर संसद की कार्यवाही बाधित करना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कई मुद्दे रखे हैं, उनमें से एसआईआर भी एक है।
रिजिजू ने कहा, ‘‘एसआईआर पर चर्चा नहीं हुई, तो संसद नहीं चलने देंगे, ऐसा सभी राजनीतिक दलों ने नहीं कहा है। किसी ने बाहर बयान दिया है, तो उसे सामूहिक बयान नहीं मानना चाहिए।’’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक महज एक औपचारिकता थी। सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि भाजपा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार लोकतंत्र, संसदीय परंपरा और मर्यादा को खत्म करने की कोशिश कर रही है।’’ उन्होंने दावा किया कि सरकार खुद संसद को ‘डिरेल करने’ (पटरी से उतारने) की कोशिश कर रही है।
Exclusive: संविधान की मूल संरचना में कोई बदलाव नहीं, ‘एक देश एक चुनाव’ पर लॉ पैनल का स्टैंड
एसआईआर पर चर्चा नहीं हुई तो…
राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि यदि सरकार एसआईआर पर चर्चा के लिए तैयार नहीं होती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह संसद नहीं चलने देना चाहती। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि यदि एसआईआर पर चर्चा नहीं कराई गई, तो संसद में गतिरोध होगा। यादव ने कहा, ‘‘मान लीजिए कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री का नाम काट दे तो क्या इस पर चर्चा नहीं होगी?’’
तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी सदन चलाने के लिए सहयोग को तैयार है लेकिन इसके लिए सरकार को भी सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘एसआईआर पर चर्चा होनी चाहिए। कई बीएलओ की मौत हुई है, यह गंभीर मुद्दा है।’’
संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ‘वन्दे मातरम’ पर चाहती है पूरे दिन की चर्चा
ये नेता हुए बैठक में शामिल
सर्वदलीय बैठक में सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शिरकत की। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचि शिवा और कई अन्य दलों के नेताओं ने भी बैठक में अपनी बात रखी।
विपक्षी दल सोमवार सुबह संसद भवन में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होगा और यह 19 दिसंबर तक चलेगा।
लोकसभा ने चर्चा के लिए 10 घंटे आवंटित किए हैं। इस बारे में तारीख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा तय की जाएगी। लोकसभा ने मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया है और इसके लिए तीन घंटे आवंटित किए हैं। केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 को भी पेश किया जाना है।
