प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह गालीप्रूफ हैं। गुरुवार को लोकसभा में उन्होंने कहा, “मैं 20 साल से गंदी-गंदी गालियां सुनता आ रहा हूं, इसलिए अब मैं खुद को गाली प्रूफ बना चुका हूं।” पीएम ने संसद में गुरुवार को लगभग 100 मिनट तक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस, पूर्व PM नेहरू और पाकिस्तान तक का जिक्र किया और विपक्ष पर हमला बोला। वहीं, पूर्व कांग्रेस चीफ राहुल ने उनकी स्पीच के बाद कहा है- पीएम सबकी बात करते हैं, पर असल मुद्दों पर चुप हैं।
संसद के निचले सदन में मोदी ने कहा- राहुल गांधी को ‘ट्यूबलाइट’ भी करार दिया। राहुल का बिना नाम लिए मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में अपने भाषण के दौरान कहा, “70 साल में कोई भी कांग्रेसी नेता आत्मनिर्भर नहीं बन पाया। कल मैंने एक नेता का भाषण सुना। उन्होंने कहा कि ‘छह महीने बाद मोदी को डंडे से मारा जाएगा’। मैं कल्पना कर सकता हूं कि यह चीज काफी कठिन होगी, इसलिए छह महीने में मैं और अधिक सूर्य नमस्कार करूंगा, ताकि मेरी पीठ पिटाई के लिए मजबूत हो जाए…।” बकौल मोदी, “मैं पिछले 20 साल से गंदी-गंदी गालियां सुन रहा हूं, इसलिए मैंने खुद को गाली प्रूफ बना लिया है और डंडा प्रूफ भी।”
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर निचले सदन में हुई चर्चा देते वक्त जवाब दे रहे प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा में कहा कि शुरूआत में मैं सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की एक कविता को उद्धृत करना चाहूंगा। वही हमारे संस्कार भी हैं और सरकार का स्वभाव भी। उसी प्रेरणा के कारण हम लीक से हटकर तेज गति से आगे बढ़ने के प्रयास कर रहे हैं। ‘‘लीक पर वे चलें जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं, हमें तो जो हमारी यात्रा से बने ऐसे अनिर्मित पथ प्यारे हैं।’’
पीएम ने प्रदर्शनों के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘‘ये ही वामपंथी, कांग्रेस और वोट-बैंक की राजनीति करने वाले लोग वहां जाकर लोगों को उकसा रहे हैं।’’ मोदी ने कहा कि उन्हें देखकर मुझे एक शायर का शेर याद आता है। इसके बाद उन्होंने दाग दहलवी का शेर पढ़ा- ‘‘खूब पर्दा है, कि चिलमन से लगे बैठे हैं, साफ छुपते भी नहीं, सामने आते भी नहीं।’’

