जम्मू और कश्मीर के बडगाम में कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की हत्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी ही पार्टी की सरकार और प्रधानमंत्री को घेरा है।
शुक्रवार (13 मई, 2022) को एक ट्वीट के जरिए उन्होंने कहा- मुस्लिम चरमपंथियों की ओर से भट्ट की हत्या को लापरवाही से नहीं लिया जा सकता, जैसा कि मोदी सरकार कर रही है। जब सरकार जवाबी कार्रवाई नहीं कर सकती तो फिर हिंदुत्व की बात करने से क्या फायदा? नरेंद्र मोदी सिर्फ जम्मू ही क्यों गए? उन्हें अब तुरंत श्रीनगर जाना चाहिए।
इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी ट्वीट किया और कहा कि वह भट्ट की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करती हैं। आतंकी मंसूबों के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। सबको मिलकर अपने कश्मीरी पंडित बहनों और भाइयों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना होगा और नफरत व आतंक को मुंहतोड़ जवाब देना होगा।
भट्ट के मर्डर में शामिल दो आतंकी ढेर: हालांकि, बांदीपुरा जिले में शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के उन दो आतंकवादियों को मार गिराया, जिन्होंने कश्मीर में घुसपैठ की थी और वे दोनों बडगाम में एक दिन पहले हुई कश्मीरी पंडित राहुल भट की हत्या की घटना में शामिल थे। पुलिस प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि मारे गए आतंकियों की पहचान पाकिस्तानी नागरिक फैसल उर्फ सिकंदर और उकाशा के रूप में हुई है।
हत्या की जांच करेगी SIT: कश्मीरी पंडित कर्मचारी की हुई हत्या की जांच के लिए शुक्रवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की। प्रशासन ने यह भी कहा कि मृतक कर्मचारी की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रशासन भट्ट की बेटी की शिक्षा पर होने वाले सभी खर्च भी उठाएगी।
क्या है पूरा मामला?: साल 2010-11 में जम्मू-कश्मीर में प्रवासियों के लिए विशेष रोजगार पैकेज के तहत क्लर्क की नौकरी पाने वाले भट्ट को आतंकवादियों ने बृहस्पतिवार को बडगाम जिले के चदूरा कस्बे में गोली मार दी थी। इस घटना के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्य सरकार पर उनके जीवन की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सरकार से समुदाय की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग भी कर रहे हैं।
