प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार सुबह पश्चिम बंगाल के सॉल्ट लेक स्थित राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापा मारा। छापेमारी के समय जैन अपने आवास पर ही थे और उनसे पूछताछ की गयी। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी उनके आवास पर पहुंचीं। गुरुवार तड़के शुरू हुई छापेमारी सॉल्ट लेक स्थित एक इमारत की 11वीं मंजिल पर स्थित I-PAC ऑफिस, लाउडन स्ट्रीट पर जैन के आवास और बुर्राबाजार के पोस्टा स्थित एक अन्य व्यापारी के कार्यालय में एक साथ की गयी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी ईडी की छापेमारी के बाद IPAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास पहुंची। इस दौरान उन्होंने कहा, “क्या गृह मंत्री अमित शाह और ईडी का यह कर्तव्य है कि वे मेरे सभी पार्टी दस्तावेज़ ले जाएं? अगर मैं भाजपा पार्टी कार्यालय जाऊं तो क्या होगा? एसआईआर के तहत 5 लाख नाम हटा दिए गए हैं। सिर्फ चुनाव होने के कारण वे मेरी पार्टी के सभी दस्तावेज़ ले जा रहे हैं।” CM ने कहा कि यह कानून प्रवर्तन नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है।

ममता बनर्जी का आरोप- ईडी के अधिकारी टीएमसी के दस्तावेज जब्त कर रहे थे

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कोलकाता में प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी अभियान के दौरान ईडी के अधिकारी टीएमसी की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील संगठनात्मक डेटा जब्त करने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ईडी ने टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर पर छापेमारी की। क्या केंद्रीय गृह मंत्री का काम राजनीतिक दलों के आईटी प्रमुखों के आवासों पर छापा मारना है।”

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ईडी अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी- सुवेंदु अधिकारी

वहीं, विपक्ष के सांसद सुवेंदु अधिकारी ने ईडी की छापेमारी के संबंध में कहा, “मैं इस छापेमारी पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, ईडी ही इसका कारण बताएगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का केंद्रीय एजेंसियों के कामकाज में बाधा डालने का पुराना इतिहास रहा है। ममता ने आज जो किया वह जांच में बाधा डालना था। 2021 में, वह सीबीआई कार्यालय के बाहर धरना दे रही थीं। संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज में सीधा हस्तक्षेप और जांच में बाधा डालना, एक मुख्यमंत्री के लिए निंदनीय है जो न केवल एक राजनीतिक नेता हैं बल्कि एक प्रशासनिक अधिकारी भी हैं। ईडी निश्चित रूप से अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।”

कोयले की तस्करी के एक मामले में छापेमारी

सूत्रों ने बताया कि ईडी की ये छापेमारी कोयले की तस्करी के एक मामले के सिलसिले में की जा रही थी। टीएमसी के महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी से भी पिछले कुछ वर्षों में इस घोटाले के संबंध में केंद्रीय एजेंसियों, ईडी और सीबीआई, दोनों ने कई बार पूछताछ की है।

प्रशांत किशोर द्वारा 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले स्थापित I-PAC , 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद से तृणमूल कांग्रेस और बंगाल सरकार के साथ काम कर रही है। I-PAC ने 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को भारी बहुमत से सत्ता में वापस लाने और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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