शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले का कहना है कि राकांपा को तोड़ने की कोशिश पहले भी कई बार हुई थीं। लेकिन बात नहीं बनी। इस बार बीजेपी ने ज्यादा गहरी साजिश रची और पार्टी में तोड़फोड़ के मंसूबे में कामयाब हो गई। उनका कहना है कि वो नहीं कह सकती कि अजित पवार इस बार फिर से वापस लौट आएंगे। लेकिन लोकतंत्र में हर एक को अपनी तरह से राजनीति करने का हक है। हम परिवार को एक रखने की कोशिश में हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक साक्षात्कार में सुप्रिया सुले ने कहा कि बीजेपी ने पहले दो बार राकांपा को तोड़ने की कोशिश की थी। वो कामयाब नहीं हो सकी तो तीसरी बार कहीं ज्यादा सटीक रणनीति तैयार की। इस बार उनका तीर निशाने पर लगा और पार्टी दो फाड़ हो गई। सुप्रिया सुले का कहना है कि अजित ने जो कुछ किया वो उनको सही लगता है। लेकिन वो मानती हैं कि बीजेपी के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करना होगा।

सुप्रिया बोलीं- उनके लिए राजनीति कोई नौकरी नहीं, जो कभी भी बदल ली

सुप्रिया सुले का कहना है कि महाराष्ट्र में बीजेपी के 106 विधायक हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से पार्टी को इस मुकाम पर पहुंचाया है। लेकिन जिस तरह से बाहर के नेताओं को बीजेपी अपने खेमे में शामिल कर रही है उससे इन विधायकों को बुरा लग रहा होगा। उन्हें भी कुछ ऐसा ही महसूस होता। उनका कहना है कि वो राजनीति को कारोबार नहीं मानतीं कि यहां नौकरी अच्छी नहीं लगी तो दूसरी जगह जाकर कर ली। उनको लिए राजनीति एक विचारधारा है। वो किसी भी कीमत पर अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं कर सकतीं। उनके लिए राजनीति एक मिशन की तरह से है।

राकांपा सांसद का कहना है कि अजित के फैसले का पार्टी के कुछ नेता समर्थन करते हैं। उन्हें इसमें कुछ गलत नहीं लगता। लेकिन राकांपा की नेता के तौर पर उनका मानना है कि बीजेपी के साथ जाना गलत है। आज महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे अहम हैं। बीजेपी इन मसलों पर काम करने की बजाए राजनीतिक तोड़फोड़ में लगी है। ये राजनीति किसी भी नजरिये से सही नहीं कही जा सकती।