Manish Sisodia Bail News: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन के मामलों में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को शुक्रवार को जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अब तक 400 से ज्यादा गवाह और हजारों दस्तावेज पेश किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में केस समाप्त होने के दूर-दूर तक कोई भी आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में सिसोदिया को हिरासत में रखना उनके मौलिक अधिकार का उल्लघंन है। आइए जानते हैं उन दो जजों के बारे में जिन्होंने मनीष सिसोदिया को जमानत दी है।

कौन हैं जस्टिस बीआर गवई

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को जमानत देने वाले जज जस्टिस बीआर गवई की बात करें तो उनका जन्म 24 नवंबर 1960 को अमरावती में हुआ था और वे 16 मार्च 1985 को बार में शामिल हुए। उन्होंने बार के साथ काम किया। उन्होंने 1987 से 1990 तक बॉम्बे हाईकोर्ट में वकालत की। उन्होंने संवैधानिक कानून और प्रशासनिक कानून में भी वकालत की। जस्टिस बीआर गवई 14 मई 2025 को भारत के मुख्य न्याधीश का पदभार भी संभालेंगे। जस्टिस गवई 2010 में जस्टिस केजी बालकृष्णन के रिटायरमेंट के बाद सुप्रीम कोर्ट में सेवा देने वाले पहले अनुसूचित जाति के जज हैं। जस्टिस बीआर गवई सबरीमाला विवाद केस की सुनवाई करने वाली बेंच का हिस्सा रह चुके हैं।

कौन हैं केवी विश्वनाथन

केवी विश्वनाथ यानी कल्पति वेंकटरमन विश्वनाथन ने पिछले साल ही सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर शपथ ली थी। वकील से लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज बनने तक का उनका सफर काफी कठिनाइयों से भरा हुआ रहा है। वे 11 अगस्त 2030 को जस्टिस जेबी पारदीवाला के रिटायरमेंट के बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे और 25 मई 2031 तक इस पद पर बने रहेंगे। जस्टिस केवी विश्वनाथन 1988 में तमिलनाडु से दिल्ली आए और साउथ दिल्ली के आरके पुरम में एक कमरे में रहकर सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। वह तमिलनाडु से सीजेआई बनने वाले तीसरे शख्स होंगे।

किस मामले में मिली मनीष सिसोदिया को जमानत? कोर्ट में क्या दी गईं दलीलें, पढ़ें पूरी डिटेल

केवी विश्वनाथन तमिलनाडु के पोलाची शहर से हैं और कोयंबटूर के पास रहते हैं। केवी विश्वनाथन ने अपनी स्कूली शिक्षा पोलाची अरोकिया मठ मैट्रिकुलेशन स्कूल से की, सैनिक स्कूल अमरावतीनगर और फिर उधगई सुसैयप्पर हाई स्कूल में पढ़ाई की। उन्होंने कोयंबटूर लॉ कॉलेज से पांच साल का कानून का कोर्स किया। उनके पिता केवी वेंकटरमन कोयम्बटूर में सरकारी वकील रहे हैं।

सांप-सीढ़ी वाला गेम मत खेलिए

जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कथित शराब घोटाला मामले में सुनवाई के बाद 6 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सिसोदिया को इसके लिए गलत नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने दस्तावेजों की जांच के लिए आवेदन दाखिल किया। सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई की उन दलीलों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि सिसोदिया को बेल के लिए निचली अदालत में जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह से यह सांप सीढ़ी का गेम खेलने की तरह होगा अगर सिसोदिया को दोबारा ट्रायल कोर्ट और फिर हाई कोर्ट जाने के लिए कहा जाए। किसी भी शख्स को स्वतंत्रता के लिए एक कोने से दूसरे कोने तक जाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। संबंधित खबर यहां क्लिक कर पढ़ें…