दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता से मिले सुझावों के आधार पर केंद्र सरकार को लॉकडाउन में छूट देने से जुड़ा एक प्रस्ताव भेजा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में ऐलान किया था कि 18 मई से देश में नए स्वरूप का लॉकडाउन होगा। इस पर अगले ही दिन दिल्ली के सीएम ने लोगों से सुझाव मांगे थे। केजरीवाल ने कहा था कि लोग वॉट्सऐप, ईमेल और फोन के जरिए अपनी राय बताई है।
जनता से मिली 5 लाख प्रतिक्रियाओं के आधार पर केजरीवाल सरकार ने लॉकडाउन 4.0 में दी जाने वाली छूटों का प्रस्ताव तैयार किया है और उसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ चर्चा के बाद केंद्र को भेज दिया है।
केजरीवाल ने पहले ही बताया था कि लोगों ने उन्हें कहा है कि स्कूलों, कॉलेजों, स्पा, स्विमिंग पूल और मॉलों को 17 मई के बाद न खोला जाए, लेकिन मेट्रो की सीमित सेवाएं शुरू की जाएं। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बसों, टैक्सियों और ऑटो-रिक्शा के संचालन की मांग की है।
केजरीवाल ने कहा था, ”कोरोना वायरस के चलते बीते डेढ़ महीने से दिल्ली समेत पूरा देश बंद है। अर्थव्यवस्था को बंद करना आसान था, लेकिन खोलना मुश्किल है। हम कड़ी मेहनत करते रहे हैं। आने वाले दिन बहुत मुश्किल हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को 17 मई के बाद लॉकडाउन में छूट को लेकर दिल्ली वासियों से 5 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से अधिकतर सुझाव मास्क नहीं पहनने और सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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दिल्ली सीएम ने बताया था कि बाजार संघों ने उनसे सम-विषम आधार पर बाजारों को खोलने की पैरवी की है। केजरीवाल सरकार के मुताबिक उसे 4,700,000 व्हाट्सएप संदेश, 10,700 ईमेल, 39700 कॉल के अलावा ‘चेंज डॉट ओआरजी’ पर 22,700 प्रतिक्रियाएं मिली हैं। इन पर उपराज्यपाल अनिल बैजल से चर्चा के बाद दिल्ली ने केंद्र सरकार को लॉकडाउन में छूटों का प्रस्ताव दिया है।

