भाजपा दिल्ली में साल 2025 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर पूरी जोर-शोर से तैयारी में जुट गई है। ऐसे में वो उस हर एक समीकरण की ओर ध्यान दे रही है, जिसकी वजह से पिछले दो चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसे लेकर लगातार बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक जोड़-तोड़ हो चुकी है। लेकिन इस पूरी कवायद में यह भी साफ है कि भाजपा उन पुराने चेहरों की टिकट काट रही है, जिन्हें पिछले दो विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि भाजपा 90 फीसद से अधिक पूर्व प्रत्याशियों की टिकट काटने जा रही है, जो दो बार विधानसभा चुनाव हार गए हैं। लेकिन उन प्रत्याशियों पर भी ध्यान दिया जाएगा जो पिछले बार बहुत कम मतों के अंतर से हारे हैं। पार्टी का मानना है कि पहले दो बार चुनाव हार चुके प्रत्याशियों पर दांव लगाने से अच्छा है किसी नए चेहरे पर दांव लगाया जाए। इसके लिए बकायदा कई महीने पहले से ही पार्टी ने आंकड़े एकत्र करने शुरू कर दिए थे।
इन सीटों पर पार्टी की है नजर
इन सीटों में उत्तम नगर, दिल्ली कैंट, विकासपुरी, जनकपुरी, ओखला, बल्लीमारान, मटिया महल, करोल बाग इत्यादि हैं। वहीं उन सीटों पर भी पार्टी काम कर रही है, जहां अल्पसंख्यक व झुग्गी वोटर अपना प्रभाव डालते हैं। यही वजह है कि झुग्गी विस्तार अभियान हो या फिर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का सदस्यता अभियान सभी में कार्यकर्ता जोर-शोर से जुटे हुए हैं।
मालूूम हो कि उक्त मतदाताओं के चलते पिछले चुनाव में भाजपा को करीब 18-20 सीटों पर कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा है और इन सीटों को मजबूत करने के काम में भाजपा कार्यकर्ता लगातार लगे हुए हैं। भाजपा पदाधिकारी के अनुसार दिल्ली की 70 विधानसभाओं में से करीब 55-61 सीटों पर नए चेहरे चुनावी मैदान में होंगे।
यही नहीं तीन पूर्व सांसदों को भी पार्टी विधानसभा चुनावों में मौका देने की चर्चा की जा रही है। इनमें मीनाक्षी लेखी, प्रवेश वर्मा व रमेश बिधूड़ी का नाम लिया जा रहा है। इनमें से प्रवेश वर्मा और रमेश बिधूड़ी पहले भी विधायक रह चुके हैं।
