केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने यह बयान देकर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया कि दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम मुसलमान होने के ‘बावजूद’ एक महान राष्ट्रवादी थे। कांग्रेस ने इन बयानों को विद्वेषपूर्ण करार दिया।

शर्मा ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘‘हमने औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर कर दिया जो एक मुस्लिम होते हुए भी महान राष्ट्रवादी थे।’’

कांग्रेस ने शर्मा के बयानों की तीखी आलोचना करते हुए इन्हें विद्वेषपूर्ण करार दिया। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मांग की कि मुसलमानों के राष्ट्रवाद पर संदेह जताने के लिए शर्मा को सरकार से बाहर कर दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, ‘‘कांग्रेस और मैं, जो एक मुस्लिम हूं, प्रधानमंत्री और उनके मंत्री महेश शर्मा को बताना चाहते हैं कि मैं एक राष्ट्रवादी हूं और मेरे पिता और दादा भी राष्ट्रवादी थे और हमें यह कहने के लिए इस सरकार से प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि यह सरकार पूर्व राष्ट्रपति का सम्मान करने की कोशिश करते हुए भी उनका अपमान कर रही है। कांग्रेस के एक और प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा, ‘‘हमने देखा है कि भाजपा, संघ या संघ परिवार के अन्य कट्टरपंथी तत्व जाने अनजाने इस तरह की चीजें बोलते हैं जो उनके अंदर मौजूद पूर्वाग्रह और धारणाओं को उजागर करते है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण द्वेष बार बार ऐसे बयानों में झलकता है।’’

ओवैसी ने कहा, ‘‘पहले तो मैं इस बारे में मोदी सरकार से जानना चाहूंगा क्योंकि संसदीय लोकतंत्र में सामूहिक जिम्मेदारी होती है। क्या यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राय है कि यह सरकार भारत के 17 करोड़ स्वाभिमानी मुस्लिमों को राष्ट्रवादी के तौर पर नहीं देखती।’’

एआईएमआईएम नेता ने कहा, ‘‘मंत्री महेश शर्मा संस्कृति मंत्री हैं लेकिन असांस्कृतिक व्यक्ति हैं जिन्हें 17 करोड़ स्वाभिमानी भारतीयों को राष्ट्रवादी होने का प्रमाणपत्र देने का जरा भी अधिकार नहीं है। मैं प्रधानमंत्री से जानना चाहूंगा कि उन्होंने कहा है कि वह एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर देंगे। क्या उनकी बात का यही मतलब था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके कैबिनेट मंत्री क्या कह रहे हैं? उन्हें कैबिनेट से हटा देना चाहिए।’’ नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने 28 अगस्त को लुटियन दिल्ली में स्थित औरंगजेब रोड का नाम बदलकर ए पी जे अब्दुल कलाम रोड करने की मंजूरी दी थी।