उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में हो रहे हिंदुओं पर हमले को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। साथ ही उन्होंने सरकार से यह भी कहा कि कैसे इन देशों पर लगाम लगाई जा सकती है।
सहारनपुर जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के जन्मदिन को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर इमरान मसूद ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिदुओं की हत्या हो रही लेकिन केंद्र चुप है। आगे कहा कि उन्हें बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं को बचाना चाहिए।
‘बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं की भी चिंता करो’
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भैया पहले हिंदुओं की चिंता कर लो बांग्लादेश के, पाकिस्तान के। वहां के भी हिंदुओं की भी चिंता कर लो कि वहां के हिंदुओं पर क्या हो रहा है। विश्वगुरु बनने का सपना देख रहे हो। विश्वगुरु कोई मानेगा जब तुम पड़ोस के दमदार पड़ोसी होते हुए आप हिंदुओं को नहीं बचा पा रहे हो। आपका भाई पीट रहा है और आप बचा नहीं पा रहे।”
‘घुटनों पर आ जाएगा बांग्लादेश’
आगे एक अन्य पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेश से निपटने के लिए सरकार को सलाह भी दी। उन्होंने कहा, सबसे पहले उनकी बिजली रोक दें, बांग्लादेश की सप्लाई रोक दें। आसमान में से आएगा क्या बांग्लादेश, चारों तरफ से हमसे घिरा हुआ है बांग्लादेश।
आगे इमरान ने कहा कि अगर आज इंदिरा गांधी होती तो बांग्लादेश को उसी की भाषा में जवाब मिलता। आगे उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने बांग्लादेश को डीजल देने के लिए समझौता किया है, जबकि उनकी बिजली कट यानी आपूर्ति रोक दी जाए तो बांग्लादेश घुटनों पर आए जाएगा।
मनरेगा को लेकर भी भाजपा को घेरा
आगे उन्होंने मनरेगा पर कहा कि भाजपा ने इसे अपनी विफलताओं का स्मारक बताया था, लेकिन कोरोना के समय इसी योजना ने गरीबों के लिए संजीवनी की तरह काम किया। आगे आरोप लगाया कि केंद्र ने मनरेगा को खत्म करने की दिशा में कदम उठाए हैं। साथ सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र ने कई कदम मनरेगा को खत्म करने की ओर उठाए हैं। आगे कहा कि नए नियमों से राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
एक दिन पहले भी उठाया था मुद्दा
एक दिन पहले भी इमरान मसूद ने सोमनाथ पर्व के दौरान पीएम मोदी के शामिल होने पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री अपनी आस्था के आधार पर पर्व को मना रहे। यह उनका अधिकार है, लेकिन जिस पद पर वह है उसपर देखते हुए उन्हें अपने पड़ोस में हो रहे अन्याय पर भी ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा, इंदिरा गांधी ने जो समझौता किया था, उसके हिसाब से भारत को बांग्लादेश से बात करनी चाहिए। इंदिरा गांघी ने 1971 में मजीब साहब के साथ संधि की थी, तो उसके अंदर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कई अन्य चीजों को जोड़ा था।
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