दिल्ली सरकार का कहना है कि वह 1-2 दिनों के भीतर पूरे दिल्ली में ‘राशन की डोरस्टेप डिलीवरी’ योजना शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थी लेकिन एलजी ने दो कारणों का हवाला देते हुए योजना के कार्यान्वयन के लिए फाइल को खारिज कर दिया है। केंद्र ने अभी तक योजना को मंजूरी नहीं दी है।
केजरीवाल सरकार का कहना कि उसकी दिल्ली में हर घर तक राशन पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना थी। इससे 72 लाख लोगों को मदद मिलती और इसे अगले सप्ताह लागू किया जाना था। लेकिन केंद्र सरकार ने कहा कि योजना को लेकर मंजूरी नहीं ली गई इसलिए आगे नहीं बढ़ा जा सकता है। ट्विटर पर दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री जी, आपका राशन माफिया से ऐसा क्या समझौता है कि आपको केजरीवाल सरकार की ‘घर-घर राशन योजना’ बंद करनी पड़ी? ”
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, केंद्र सरकार ने मार्च में इस योजना के बारे में कहा था कि इसके परिणामस्वरूप राशन कार्ड धारक केंद्रीय कानून के तहत तय की गई दर से अधिक दर पर अनाज और अन्य आवश्यकताएं खरीद सकते हैं। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, इस योजना से सब्सिडी प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन करना और उनके बारे में पता करना मुश्किल हो सकता है।
दिल्ली सरकार ने पिछले साल फरवरी में हुए विधानसभा चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक को लागू करने के लिए पिछले साल जुलाई में राजधानी के सभी कार्डधारकों को राशन की होम डिलीवरी की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
दिल्ली सरकार ने कहा था कि ‘मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना’ नाम की योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), 2013 के तहत लाभार्थियों को राशन घर पहुंचाएगी, जिससे दुकानों पर जाना कम होगा और भ्रष्टाचार खत्म होगा। दिल्ली सरकार ने शुरुआत में इस योजना को मार्च में शुरू करने की योजना बनाई थी।
हालांकि, कार्यक्रम पर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने पीटीआई-भाषा से कहा कि यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के खिलाफ है और इसकी अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि इस योजना के परिणामस्वरूप लाभार्थियों को पैकेजिंग और हैंडलिंग के लिए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह केंद्र सरकार के अहंकार को शांत करने के लिए योजना के नाम पर “मुख्यमंत्री” टैग छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने कहा, “हम केंद्र की सभी शर्तों को स्वीकार करेंगे लेकिन कार्यान्वयन में कोई बाधा नहीं होने देंगे।”
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स बंटे दिखे। सुभाष ( @subsharma740) ने लिखा, ‘दिल्ली वालों की एक दिन ज़रूर आँखें खुलेंगी। ऐसा मुझे विश्वास है । बस तब तक दिल्ली बर्बाद न कर दे ये केजरीवाल।’ शमशद आलम (@ShamshadAlamAAP) ने लिखा, ‘गरीबों से नफ़रत, अमीरों से मोहब्बत नरेंद्र मोदी की है आदत।’ विनोद उन्नी (@Unnivinn) ने लिखा, ‘काम करो लोगों की जान बचाओ।’
