भारत सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को ट्रैक करने के लिए लॉन्च किए गए एप आरोग्य सेतु की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर काफी दिनों से बवाल मचा हुआ है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्था (नीति आयोग) के सीईओ अमिताभ कांत का कहना है कि एप से यूजर्स की प्राइवेसी को कोई खतरा नहीं है। कांत का कहना है कि आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन उपयोगकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए “privacy-first by design” के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने कहा,’ एप से यूजर का डाटा केवल उन्हीं सरकारी अधिकारियों के साथ शेयर किया जाता है जो देश में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं।’
आरोग्य सेतु एप को लेकर सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह एप, अब तक का सबसे सुरक्षित एप है। इसके साथ डाटा प्राइवेसी और डाटा चोरी का कोई खतरा नहीं है। एम्पावर्ड ग्रुप-9 के चेयरमैन अजय साहनी ने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप से निजता का हनन नहीं होगा, अधिकतम 60 दिन तक डेटा रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव मरीजों का डेटा ही सर्वर पर भेजा जाता है और अभी तक केवल 13 हजार ही ऐसे लोग हैं जो पॉजिटिव हैं और आरोग्य सेतु पर हैं।
साहनी ने कहा “किसी भी तरह से डेटा का दुरुपयोग नहीं होगा। ये बहुत ही सुरक्षित एप है और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।” बता दें कोरोना वायरस के मरीजों का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किया गया यह एप कोविड-19 के प्रसार को रोकने में मदद करने वाले एक महत्वपूर्ण हथियार के रूप में उभर रहा है। दो अप्रैल को लॉन्च के बाद से आरोग्य सेतु एप पर 9.6 करोड़ लोगों ने पंजीकरण किया है, जो विश्व स्तर पर पांच करोड़ उपयोगकर्ताओं तक सबसे तेज पहुंचने वाला मोबाइल एप बन गया है और जल्द ही यह 10 करोड़ क्लब में सबसे तेज प्रवेश करने वालों में से एक होगा।
Coronavirus/COVID-19 और Lockdown से जुड़ी अन्य खबरें जानने के लिए इन लिंक्स पर क्लिक करें: शराब पर टैक्स राज्यों के लिए क्यों है अहम? जानें, क्या है इसका अर्थशास्त्र और यूपी से तमिलनाडु तक किसे कितनी कमाई । शराब से रोज 500 करोड़ की कमाई, केजरीवाल सरकार ने 70 फीसदी ‘स्पेशल कोरोना फीस’ लगाई । लॉकडाउन के बाद मेट्रो और बसों में सफर पर तैयार हुईं गाइडलाइंस, जानें- किन नियमों का करना होगा पालन । भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 40 हजार के पार, वायरस से बचना है तो इन 5 बातों को बांध लीजिये गांठ…। कोरोना से जंग में आयुर्वेद का सहारा, आयुर्वेदिक दवा के ट्रायल को मिली मंजूरी ।
