ताज़ा खबर
 

शराब पर टैक्स राज्यों के लिए क्यों है अहम? जानें, क्या है इसका अर्थशास्त्र और यूपी से तमिलनाडु तक किसे कितनी कमाई

शराब पर टैक्स के जरिए राज्य सरकारें हमेशा से अपने खजाने को भरती रही हैं। अब दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी शराब पर 70 फीसदी स्पेशल टैक्स लगाकर ऐसा ही किया है। आइए जानते हैं, शराब पर टैक्स के जरिए किस राज्य की कितनी कमाई होती है।

liquor saleजानें, शराब से राज्यों को होती है कितनी कमाई

कोरोना से निपटने के लिए लागू हुए लॉकडाउन 3.0 के पहले ही दिन देश के तमाम हिस्सों में शराब की दुकानों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं तो शराब की बिक्री की अनुमति को लेकर सरकार की आलोचना की जाने लगी। भारत में शराबबंदी हमेशा से सरकारों की ओर से जनता को लुभाने का एक जरिया रहा है। बिहार और गुजरात जैसे राज्यों ने इस फैसले को लागू भी किया है। हालांकि एक पक्ष यह भी है कि शराब से प्राप्त होने वाले राजस्व का सरकारी खजाने में बड़ा योगदान रहता है। शायद यही वजह कि जब लॉकडाउन में ढील की बात आई तो शराब की बिक्री में राहत की बात पहले नंबर पर थी। आइए जानते हैं, शराब की बिक्री से किस राज्य को होती है कितनी कमाई…

यूपी को हुई सबसे ज्यादा कमाई: वित्त वर्ष 2018-19 की बात करें तो उत्तर प्रदेश को देश में सबसे ज्यादा कमाई शराब की बिक्री के जरिए हुई थी। यूपी सरकार को शराब की सेल से 25,100 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। दूसरे नंबर पर कर्नाटक राज्य था, जिसे 19,750 करोड़ रुपये की कमाई इसके जरिए हुई थी। वहीं, महाराष्ट्र को 15,343.08 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। पश्चिम बंगाल राज्य को शराब की सेल से 10,554.36 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी और 5वे नंबर पर तेलंगाना था, जिसे 10,313 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

तमिलनाडु 2016 में टॉप पर था: तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के लिए भी शराब हमेशा से कमाई का अहम जरिया रही है। अब 2016 के आंकड़ों की बात करें तो तमिलनाडु को सबसे ज्यादा 29,672 करोड़ रुपये की कमाई शराब से मिले टैक्स के जरिए हुई थी। दूसरे नंबर पर हरियाणा राज्य था, जिसे शराब की बिक्री से 19,703 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। देश के सबसे अमीर सूबे कहे जाने वाले महाराष्ट्र को सालाना 18,000 करोड़ रुपये की आय शराब की बिक्री से हुई थी।

इन राज्यों को भी हुई थी बड़ी कमाई: चौथे नंबर पर भी दक्षिण भारत का ही राज्य कर्नाटक था, जिसे 15,332 करोड़ रुपये का रेवेन्यू शराब के जरिए हासिल हुआ। वहीं उत्तर प्रदेश ने 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई मदिरा की बिक्री के जरिए की थी। यूपी के बाद आंध्र प्रदेश को 12,739 करोड़, तेलंगाना को 12,144 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 7,926 करोड़ रुपये, राजस्थान को 5,585 करोड़ रुपये की रकम मिली थी। पंजाब को शराब की सेल से 5,000 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।

क्यों शराब से टैक्स राज्यों के लिए अहम: दरअसल राज्यों के लिए शराब से कमाई इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि अन्य टैक्सों में केंद्र सरकार की भी हिस्सेदारी होती है। लेकिन शराब पर लगने वाले स्टेट एक्साइज में उनका अकेले का हक होता है। प्रॉपर्टी टैक्स, स्टांप ड्य़ूटी की बिक्री आदि अन्य ऐसे माध्यम हैं, जिनसे राज्य सरकारें राजस्व जुटाती हैं, लेकिन शराब से होने वाली कमाई सबसे अहम है।

Coronavirus से जुड़ी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: कोरोना वायरस से बचना है तो इन 5 फूड्स से तुरंत कर लें तौबाजानिये- किसे मास्क लगाने की जरूरत नहीं और किसे लगाना ही चाहिएइन तरीकों से संक्रमण से बचाएंक्या गर्मी बढ़ते ही खत्म हो जाएगा कोरोना वायरस?

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी का वार, सरकार की मंजूरी के बिना ही नितिन गडकरी ने किया छोटे उद्योंगे के लिए पैकेज का ऐलान
2 लॉकडाउन के बाद मेट्रो और बसों में सफर पर तैयार हुईं गाइडलाइंस, जानें- किन नियमों का करना होगा पालन
3 खाते में 500 रुपये आने की खबर सुन 30 किलोमीटर पैदल चल बैंक पहुंची बुजुर्ग महिला, जन धन अकाउंट न होने से लौटना पड़ा खाली हाथ
IPL 2020 LIVE
X