दिल्ली हाईकोर्ट ने 2025 के विधानसभा चुनाव में मालवीय नगर सीट से जीते बीजेपी के सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को शनिवार को खारिज कर दिया। यह याचिका आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने दायर की थी।

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा, ‘‘याचिका खारिज की जाती है।’’

भारती को हराया था उपाध्याय ने

पिछले साल फरवरी में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में सतीश उपाध्याय ने मालवीय नगर से तीन बार के विधायक रहे भारती को करीब 2,100 वोटों के अंतर से हराया था। इसके साथ ही 2013 से इस सीट पर चला आ रहा आम आदमी पार्टी का दबदबा खत्म हो गया।

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भारती ने याचिका में क्या कहा?

सोमनाथ भारती ने अपनी याचिका में सतीश उपाध्याय पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे। याचिका में दावा किया गया कि बीजेपी नेता के खिलाफ आपराधिक शिकायत या एफआईआर लंबित है।

हार के बाद भारती ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत भ्रष्ट आचरण को लेकर याचिका दायर की थी।

अपनी याचिका में भारती ने आरोप लगाया था कि उपाध्याय ने अपने खिलाफ लंबित किसी आपराधिक शिकायत या एफआईआर से जुड़ी जानकारी का खुलासा नहीं किया, जबकि चुनाव कानून के मुताबिक ऐसा करना जरूरी है। सोमनाथ भारती का कहना था कि इस जानकारी को छिपाने से चुनाव के नतीजे पर असर पड़ा।

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उपाध्याय ने बताया आरोपों को झूठा

सतीश उपाध्याय ने इन दावों को चुनौती देते हुए कहा कि आरोप झूठे हैं। सोमनाथ भारती अपने वकील आनंद प्रकाश गौतम के साथ अदालत में उपस्थित हुए। जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर, जयंत मेहता और गौतम नारायण के साथ अधिवक्ता सौरभ सेठ, सुमेर देव सेठ, नीलमप्रीत कौर, अभिरूप राठौर और कबीर देव सतीश उपाध्याय की ओर से पेश हुए।

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