न्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता को सेंगर के इशारे पर गिरफ्तार किया गया था और 9 अप्रैल, 2018 को पुलिस की बर्बरता के कारण हिरासत में उनकी मृत्यु हो गई थी। मार्च 2020 में दिल्ली की एक अदालत ने सेंगर और अन्य को उनकी मृत्यु के लिए दोषी ठहराया और 10 साल की कैद की सजा सुनाई।