विमेंस प्रीमियर लीग 2026 (WPL 2026) का लीग स्टेज आखिरी स्टेज में है और प्लेऑफ में क्वालीफिकेशन का गणित रोमांचक होता जा रहा है। दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच मगंलवार (27 जनवरी) का मैच प्लेऑफ की लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। डब्ल्यूपीएल 2026 का 17वां मुकाबला कोई भी जीते मुंबई इंडियंस को नुकसान तय है। वह अंक तालिका में नीचे गिर जाएगी। अंक तालिका में शीर्ष पर मौजूद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और टूर्नामेंट की सबसे फिसड्डी टीम यूपी वॉरियर्स की दशा-दिशा भी इस मुकाबले से तय हो सकती है।

आइए जानते हैं डब्ल्यूपीएल 2026 के प्लेऑफ का पूरा समीकरण

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु</strong> (मैच बाकी- यूपी वॉरियर्स से 29 जनवरी) – लगातार बड़े अंतर से हारने के बावजूद, आरसीबी अभी भी फाइनल का टिकट सीधा पा सकती है। इसके लिए उसे बस यूपी वॉरियर्स के खिलाफ अपने आखिरी लीग मैच में जीत दर्ज करनी है। ऐसा न होने पर भी वह फाइनल में सीधे पहुंच सकती है अगर दिल्ली-गुजरात मैच का विजेता 10 अंक तक न पहुंचे या रनरेट के मामले में उसे पीछे न छोड़े। रनरेट के मामले में दिल्ली कैपिटल्स उसे पीछे छोड़ सकती है। उसका रनरेट -0.169 गुजरात के रनरेट -0.341 से बेहतर है। आरसीबी का रनरेट 0.947 है।

मुंबई इंडियंस (मैच बाकी- गुजरात जायंट्स से 30 जनवरी)- मुंबई इंडियंस का रनरेट सबसे अच्छा है। उसे आखिरी लीग मैच गुजरात जायंट्स से साथ है। इसके खिलाफ उसका शानदार रिकॉर्ड 8-0 का है। एक और ऐसा प्रदर्शन उसे प्लेऑफ में जगह दिलाएगा। गुजरात के खिलाफ जीतने के बाद मुंबई बाहर हो सकती है अगर तीनों टीमों के आठ-आठ अंक हो जाए और उसका रनरेट गिर जाए। लेकिन मुंबई काफी मजबूत स्थिति में है। गुजरात से हारने पर मुंबई चाहेगी कि दिल्ली दोनों मैच हार जाए और यूपी को आरसीबी हरा दे। इससे मुंबई दिल्ली और यूपी के 6-6 अंक होंगे। मामला रनरेट पर आ जाएगा। अगर गुजरात को दिल्ली हरा दे और मुंबई अपना आखिरी लीग स्टेज मैच हार जाए तो दो बार की चैंपियन टीम बाहर हो जाएगी।

दिल्ली कैपिटल्स (मैच बाकी- गुजरात जायंट्स से 27 जनवरी और यूपी वॉरियर्स से 1 फरवरी को भिड़ंत)- दिल्ली कैपिटल्स दोनों मैच जीती तो वह प्लेऑफ में पहुंच जाएगा और वह सीधे फाइनल में भी पहुंच सकती है। गुजरात को हराने के बाद यूपी से दिल्ली हार जाती तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा वह बड़े अंतर से न हारे। अगर आरसीबी और दिल्ली के खिलाफ यूपी जीत जाती है तो मामला पेचिदा हो जाएगा। यूपी, दिल्ली और गुजरात बनाम मुंबई मैच की विजेता टीम के 8-8 अंक होंगे। अगर गुजरात ने दिल्ली और मुंबई को हराया और दिल्ली ने यूपी को हराया तो वह 8 अंक के साथ क्वालिफाई कर जाएगी। अगर दिल्ली मंगलवार को जीत जाए और मुंबई को गुजरात हरा दे तो शुक्रवार के मुकाबले पर निगाहें होंगी। दिल्ली दोनों मैच हार जाती है तो भी वह प्लेऑफ में पहुंच सकती है। इसके लिए गुजरात को मुंबई और आरसीबी को यूपी को हराना होगा।

गुजरात जायंट्स (दिल्ली कैपिटल्स से 27 जनवरी और मुंबई इंडियंस से 30 जनवरी)- गुजरात जायंट्स भी सीधे फाइनल में पहुंच सकती है। दो जीत से वह प्लेऑफ में होगी। वह दिल्ली को हरा और मुंबई से हार जाए तो भी वह अंक के आधार पर प्लेऑफ में पहुंच सकती है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि यूपी से आरसीबी जीत जाए और दिल्ली हार जाएगा। अगर यूपी ने आरसीबी को भी हरा दिया तो गुजरात, मुंबई और यूपी के 8-8 अंक होंगे। अगर दिल्ली से गुजरात हार जाए और मुंबई को हरा दो उसके अलावा दिल्ली और यूपी (दोनों मैच जीतने पर) के भी 8-8 अंक हो सकते हैं। यूपी दो में से एक भी मैच हारी तो गुजरात का काम हो जाएगा। गुजरात दोनों मैच हारी तो उसका सफर समाप्त हो जाएगा, क्योंकि दिल्ली और मुंबई के 6-6 अंक हैं।

यूपी वॉरियर्स (29 जनवरी को आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स से 1 फरवरी)- यूपी का सबसे खराब रनरेट है। दोनों मैच जीतने पर वह 8 अंक तक पहुंच पाएगी। ऐसा होने पर वह प्लेऑफ में पहुंच सकती है अगर गुजरात दोनों मैच जीत जाए और मुंबई और दिल्ली को 6 अंक पर रोक दे। यूपी की टीम 6 अंक के साथ भी प्लेऑफ में पहुंच सकती है। इसके लिए उसे दिल्ली से जीत दर्ज करनी होगी और उम्मीद करनी होगी कि गुजरात दोनों मैच जीत जाए। आरसीबी के खिलाफ यूपी की जीत कोई मायने नहीं रखेगी अगर वह दिल्ली से हार जाए क्योंकि गुजरात और मुंबई में से एक का आठ अंक होना तय है। अंक तालिका देखने के क्लिक करें