न्यूयॉर्क में बहुचर्चित नासाउ काउंटी इंटरनेशनल स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत-पाकिस्तान मैच का ब्लूप्रिंट बुधवार (17 जनवरी) को सामने आएगा। अमेरिका से जानकारी सामने आई है कि 34 हजार सीटों वाले स्टेडियम का काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। संभवतः इस सप्ताह के अंत से काम शुरू हो जएगा। हालांकि, लॉन्ग आइलैंड में स्थित यह स्टेडियम अस्थायी है। कहा जा रहा है कि इंग्लैंड के किसी भी मैदान से बड़ा है। इसके वानखेड़े से भी बड़ा बताया जा रहा है।
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार यह आईसीसी के लिए एक प्राथमिकता वाली परियोजना बन गई है। इसे प्रमुख गोल्फ और फॉर्मूला वन इवेंट्स में उपयोग किए जाने वाले मॉड्यूलर स्टेडियम की तरह डिजाइन किया गया है। लास वेगास ग्रैंड प्रिक्स में उपयोग की जाने वाली सीटें न्यूयॉर्क के इस स्टेडियम में लगाई जाएंगी। प्रोजक्ट में काम कर रहे एक अधिकारी के अनुसार, “यह अस्थायी स्टेडियम है। इसके दुनिया के सबसे आधुनिक क्रिकेट स्टेडियमों में से एक होने की संभावना है, जिसमें वह सब कुछ होगा जो आप संभवतः चाहते हैं।
भारत के तीन मैच न्यूयॉर्क में
आईसीसी ने स्थानीय आयोजकों के सहयोग से भारत के तीन मैच न्यूयॉर्क को सौंपे हैं। भारत को 5 जून को आयरलैंड के खिलाफ, 9 जून को पाकिस्तान के खिलाफ और 12 जून को अमेरिका के खिलाफ अपने ग्रुप मैच खेलने हैं। 15 जून को कनाडा के खिलाफ लीग मैच फ्लोरिडा लॉडरहिल में खेला जाएगा। इसकी क्षमता 20,000 है। हालांकि, अमेरिका में दूसरा होस्टिंग सेंटर डलास को भारत के मैच की मेजबानी नहीं मिली है। डलास ने पिछले जुलाई में ग्रैंड प्रेयरी क्रिकेट स्टेडियम में मेजर लीग क्रिकेट (MLC) के मैचों की मेजबानी की थी।
काशी विश्वनाथन ने क्या कहा?
उम्मीद थी कि इसे भारत का मैच मिलेंगे। टेक्सास शहर की होम फ्रेंचाइजी डलास सुपर किंग्स क्षेत्र में खेल को बढ़ावा देने के लिए वेन्यू पर भारत का मैच चाहती थी। चेन्नई सुपर किंग्स की टीम डलास सुपर किंग्स का मैनेजर काशी विश्वनाथन ने क्रिकबज को डलास में भारत के मैच के लिए आईसीसी को खत लिखने के बारे में बताया। काशी विश्वनाथन ने कहा, ” अगर आईसीसी अमेरिका में क्रिकेट को बढ़ावा देना चाहता है, तो उन्हें भारत का एक मैच हमें आवंटित करना चाहिए था।”
आईसीसी ने अनुरोध पर क्यों नहीं किया विचार
हालांकि, ऐसा लगता है कि आईसीसी के अनुरोध पर विचार न करने के अपने कारण हैं। ऐसा महसूस हुआ कि डलास में मैच आयोजित करने में कुछ लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल चुनौतियां हैं। टाइम जोन का अंतर है। हालांकि, डलास स्थायी स्टेडियम है, लेकिन इसकी क्षमता सिर्फ 7,500 है। भारत के मैच के लिए वेन्यू बड़ा है। इसके अलावा, शहर से कैरेबियाई देशों के लिए सीधी उड़ानें भी चुनौती पेश करती है।
