सचिन तेंदुलकर को ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाता है। क्रिकेट का शायद ही ऐसा कोई रिकॉर्ड हो जो उन्होंने अपने नाम न किया हो। इतनी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद सचिन तेंदुलकर को भी करियर में कुछ नहीं हासिल कर पाने का मलाल रह गया। Instagram पर वायरल एक वीडियो में सचिन तेंदुलकर ने यह बताते हुए दिख रहे हैं कि उन्हें करियर में क्या हासिल नहीं कर पाने का सबसे बड़ा अफसोस है? सचिन तेंदुलकर से होस्ट ने पूछा कि सचिन तेंदुलकर को किस बात का सबसे ज्यादा अफसोस है।

पाकिस्तान से सिर्फ 12 रन से हार गया था भारत

जवाब में सचिन तेंदुलकर ने बताया कि उन्हें सबसे बड़ा अफसोस 1999 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाफ चेन्नई में खेले गये टेस्ट मैच को लेकर है। सचिन तेंदुलकर ने बताया, ‘बहुत समय पहले की बात है। हम चेन्नई में खेल रहे थे। वह एक बहुत ही करीबी मुकाबला था। हमारे 4 विकेट गिरने बाकी थी और जीतने के लिए हमें सिर्फ 17 रन चाहिये थे, लेकिन हम 12 रन से वह टेस्ट मैच हार गये थे, जिसका मुझे बहुत ज्यादा अफसोस है।’

इस बीच होस्ट ने कहा, ‘आप उस टेस्ट मैच में शतक बनाकर आउट हुए थे।’ इस पर सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘हां।’ होस्ट ने उन्हें टोकते हुए कहा, भारत को जीत के लिए 16 रन की जरूरत थी और आप आउट हो गये थे।’

पीठ दर्द से बेहाल थे सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘बिल्कुल सही, …और यही वह समय था, जब मेरी पीठ में दर्द शुरू हो गया। मुझे याद है कि मैं ड्रेसिंग रूम में लेटा हुआ था। मैंने ड्रेसिंग रूम में अपने पूरे शरीर को कोल्ड टॉवेल्स से लपेट रखा था, क्योंकि मेरा पूरा शरीर ऐंठ रहा था। मैं एक बच्चे की तरह रो रहा था क्योंकि मैं बहुत निराश था। फिर वह सब, मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था। मैं अपना मैन ऑफ द मैच अवार्ड लेने के लिए भी बाहर नहीं गया।’

यदि भारत और पाकिस्तान के बीच उस टेस्ट मैच की बात करें तो चेपक स्टेडियम में खेले गये उस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 79.5 ओवर में 238 रन पर ऑलआउट हो गई थी। राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के अर्धशतकों की मदद से भारत ने अपनी पहली पारी में 81.1 ओवर में 254 रन बनाये। सचिन तेंदुलकर शून्य पर आउट हो गये थे।

शाहिद अफरीदी ने पाकिस्तान की ओर से ठोका था शतक

पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 71.2 ओवर में 286 रन बनाये। पाकिस्तान की ओर से शाहिद अफरीदी (141 रन) ने शतक लगाया। इंजमाम उल हक ने 51 रन की पारी खेली। भारत को जीत के लिए 271 रन का लक्ष्य मिला। भारत ने सचिन तेंदुलकर के शतक (136 रन) और नयन मोंगिया के अर्धशतक की मदद से 91.4 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बना लिए थे। जीत के लिए सिर्फ 17 रन की जरूरत थी।

सकलैन मुश्ताक का शिकार बने थे सचिन तेंदुलकर

अगली ही गेंद पर सचिन तेंदुलकर सकलैन मुश्ताक की गेंद पर वसीम अकरम को कैच थमा बैठे। अगले ओवर की आखिरी गेंद पर अनिल कुंबले को वसीम अकरम ने एलबीडब्ल्यू कर दिया। अनिल कुंबले सिर्फ एक रन ही बना पाये। टीम का स्कोर 256 रन था। अगला ओवर (94वां) सकलैन मुश्ताक लेकर आये। उन्होंने पहली ही गेंद पर फॉलो थ्रू में सुनील जोशी का कैच ले लिया।

सुनील जोशी 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे। भारत को जीत के लिए 15 रन चाहिये थे और आखिरी जोड़ी मैदान पर थी। सकलैन 96वां ओवर लेकर आये। उन्होंने दूसरी ही गेंद पर जवागल श्रीनाथ को बोल्ड कर दिया और भारत को 12 रन से मैच गंवाना पड़ा।

सचिन तेंदुलकर के बारे में कुछ खास बातें

  • सचिन तेंदुलकर को ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाता है।
  • सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाये हैं।
  • सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 15921 टेस्ट और 18,426 वनडे रन बनाये।
  • सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में 51 और वनडे इंटरनेशनल में 49 शतक लगाये हैं।
  • सचिन तेंदुलकर ने मैदान पर कभी भी अपना संयम नहीं खोया।
  • सचिन तेंदुलकर ने हमेशा अपने बल्ले से ही आलोचकों की बोलती बंद की।
  • सचिन तेंदुलकर ने करियर में हमेशा आदर्श खिलाड़ी बनने की कोशिश की।
  • सचिन तेंदुलकर ने मैदान और मैदान के बाहर उच्च स्तर की ईमानदारी बनाये रखी।