टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि टी20 विश्व कप के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में भारत की नई टीम देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अगले साल वनडे वर्ल्ड कप होना है, ऐसे में हो सकता है कि वर्कलोड मैनेज करने के लिए टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली और कप्तान रोहित शर्मा टी20 क्रिकेट खेलना छोड़ दें।
बुधवार को मुंबई प्रेस क्लब में एक बातचीत में शास्त्री ने कहा, “मैं इस विश्व कप के बाद भारत के पास एक नई टीम देख रहा हूं। 2007 में हमने देखा था। तेंदुलकर, द्रविड़ और गांगुली नहीं थे। धोनी ने टीम का नेतृत्व किया और टूर्नामेंट जीत गए। ऐसा फिर हो सकता है। ऐसा नहीं है कि वे अच्छा नहीं कर रहे हैं, लेकिन आप उन्हें अन्य दो प्रारूपों के लिए चाहते हैं। अगले साल विश्व कप है और आप खिलाड़ियों पर बोझ नहीं डालना चाहते।”
टीम इंडिया को फील्डिंग पर कड़ी मेहनत करनी होगी
शास्त्री ने यह भी कहा कि भारत को टी20 विश्व कप के दौरान अपनी फील्डिंग पर कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने श्रीलंका का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ अच्छी फील्डिंग करके उन्होंने नजदीकी मैच जीत लिया। उन्होंने कहा, ” फील्डिंग ऐसी क्षेत्र जहां भारत को शुरुआत से ही काम करने की जरूरत है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी। आप जो 15-20 रन बचाते हैं, उससे फर्क पड़ सकता है। ऐसा नहीं होने पर जब आप बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं तो हमेशा 15-20 रन अतिरिक्त बनाने पड़ते हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें शानदार फील्डिंग करती हैं। श्रीलंका ने एशिया कप में फील्डिंग से क्या किया। उन्होंने इसके दम पर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा मुकाबला जीत लिया।”
फील्डिंग में गिरावट ‘चिंताजनक’
शास्त्री ने कहा कि फील्डिंग में गिरावट चिंताजनक है और एक तरह से यह भी विरोधी टीम के 200 से अधिक रन बनाने के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, “फिटनेस पर जोर बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। मेरे समय में यो-यो टेस्ट होता था। इस पर काफी लोग हंस थे। टेस्ट कभी चयन के लिए नहीं था, यह खिलाड़ियों में जागरूकता पैदा करने के लिए था। इससे न सिर्फ उनके खेलने के तरीके में बल्कि मैदान पर उनके मूव करने के तरीके में भी काफी फर्क पड़त था। चिंता की बात यह है कि आपने पिछले कुछ महीनों में कितनी बार विपक्षी टीम को 200 से अधिक रन बनाने दिया है। लोग गेंदबाजी को दोष देंगे, लेकिन इसका एक कारण फील्डिंग भी है।”
