Cricketers Played for both India and Pakistan: इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज गैरी बैलेंस (Gary Ballance) ने हाल ही में जिम्बाब्वे क्रिकेट (Zimbabwe Cricket) के साथ दो साल का करार किया। ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार उनको इस महीने के अंत में आयरलैंड (Ireland) के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे (Zimbabwe) टीम में चुना गया है। 33 वर्षीय बैलेंस ने 2014 से 2017 के बीच इंग्लैंड के लिए 23 टेस्ट मैच और 16 एकदिवसीय मैच खेले। उनकी काउंटी टीम यॉर्कशायर (Yorkshire) ने पिछले साल उन्हें रिलीज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपने जन्म वाले देश जिम्बाब्वे (Zimbabwe) के लिए खेलने के लिए का फैसला किया। बैलेंस से पहले भी कई खिलाड़ी दो देशों के लिए खेल चुके हैं। हम आपको बताने वाले हैं ऐसे तीन क्रिकेटरों बारे में जिन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए खेला है।

गुल मोहम्मद (Gul Mohammad), अब्दुल हफीज कारदार (Abdul Hafeez Kardar) और आमिर इलाही (Amir Elahi) वह तीन क्रिकेट हैं, जिन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों का प्रतिनिधित्व किया है। इन तीनों ने 1940 के दशक में भारत के लिए खेला, लेकिन विभाजन के बाद पाकिस्तान की नागरिकता ले ली।

अब्दुल हफीज कारदार (Abdul Hafeez Kardar)

अब्दुल हफीज कारदार (Abdul Hafeez Kardar) पाकिस्तान के पहले टेस्ट कप्तान थे। उन्हंने 1952 से 1958 तक पाकिस्तान की कप्तानी की। इस दौरान पाकिस्तान ने हर टेस्ट खेलने वाली टीम को हराया था। कारदार एक एक बेहतरीन ऑलराउंडर थे। वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे और बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाजी थे। हालांकि, पाकिस्तान के करिश्माई कप्तान बनने से पहले कारदार ने तीन मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

आमिर इलाही (Amir Elahi)

आमिर इलाही (Amir Elahi) लेग ब्रेक गेंदबाज थे। उन्होंने भारत के लिए एक और पाकिस्तान के लिए पांच मैच खेले। 1953 में कोलकता में अपने आखिरी टेस्ट मैच में वह 44 वर्ष के थे। उनका नाम क्रिकेट खेलने वाले 20 उम्रदराज खिलाड़ियों में दर्ज है। उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर में 500 से विकेट लिए।

गुल मोहम्मद (Gul Mohammad)

गुल मोहम्मद (Gul Mohammad) बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज थे। उन्होंने कुल नौ टेस्ट खेले। आठ भारत के लिए और एक पाकिस्तान के लिए। वह अपने युग के बेहतरीन फील्डर्स में से एक माने जाते थे। उन्होंने 17 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया और बॉम्बे पेंटांगुलर में अपने पहले मैच में 95 रन बनाए। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 33 से अधिक की औसत से 5614 रन बनाए।