एशिया कप 2018 के सुपरफोर में मंगलवार (25 सितंबर) को भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए मैच में टीम इंडिया जीत के लक्ष्य से एक रन पीछे रह गई और यह मैच टाई हो गया। काफी दिनों बाद इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी कप्तानी करते दिखे। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश की टीम ने 50 ओवर में 252 रन बनाएं। वहीं, इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 49.5 ओवर में जीत के लक्ष्य से एक रन पहले ऑल आउट हो गई। मैच के दौरान महेंद्र सिंह धोनी और कार्तिक नॉट आउट थे? इस पर पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। जिन गेंदों पर धोनी और कार्तिक को एलबीडब्यू करार दिया गया, रिप्ले में दोनों गेंदें लेग स्पीन से बाहर जाती दिखीं। महेंद्र सिंह धोनी को यह पता था कि वे और उनके साथी खिलाड़ी गलत अंपायरिंग का शिकार हुए, लेकिन रिव्यू नहीं होने की वजह से वे खामोश रह गए। हालांकि, मैच के बाद उन्होंने इशारों में गलत अंपायरिंग को लेकर बात उठायी।

मैच के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने इशारों ही इशारों में मैच के दौरान खराब अंपायरिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मैच के दौरान कुछ ऐसा हुआ (गलत एलबीडब्यू निर्णय) जिसके बारे में मैं यहां नहीं कह सकता क्योंकि ऐसा कर मैं अपने उपर जुर्माना नहीं लगवाना चाहता हूं। लेकिन यह अच्छा रहा कि मैच टाई हो गया। दोनों टीमों ने बढि़या खेला। अफगानिस्तान के खिलाडि़यों ने अच्छा खेला। 250 रन का स्कोर इस विकेट के लिए बढ़िया था। हम यह मैच हार सकते थे क्योंकि कुछ चीजें हमारे पक्ष में नहीं रहीं। इसलिए मैं मैच के नतीजे से खुश हूं।”

दरअसल, कप्तान के तौर पर अपना 200वां वनडे मैच खेल रहे महेंद्र सिंह धोनी महज 8 रन थे, तभी ऑफ स्पिनर जावेद अहमदी की एक गेंद पर उन्हें एलबीडब्यू करार दे दिया गया। वे वापस पवेलियन लौट आए। वहीं, कार्तिक भी 44 रन बनाकर खेल रहे थे और उन्हें भी मोहम्मद नबी की गेंद पर एलबीडब्यू करार दे दिया गया। दरअसल, दोनों खराब अंपायरिंग का शिकार हुए। रिप्ले में साफ दिख रहा था कि अफगानिस्तान के खिलाड़ी अहमदी द्वारा की गई वह गेंद, जिस पर धोनी को आउट करार दिया गया, वह लेग स्टंप से बाहर जाती दिख रही है। लेकिन टीम इंडिया के पास रिव्यू नहीं होने की वजह से धोनी कुछ नहीं कर पाए। वहीं कार्तिक को भी जिस गेंद पर एलबीडब्यू करार दिया गया, वह गेंद भी रिप्ले में लेग स्पीन से बाहर जाती दिखी। दोनों गलत अंपायरिंग का शिकार हो गए।