भारत के दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने को भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा झटका बताया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों के जाने से टेस्ट टीम में नेतृत्व का एक बड़ा खालीपन आ गया है। अश्विन ने अपने यूट्यूब शो ‘Ash Ki Baat’ में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की और जसप्रीत बुमराह को कप्तानी के लिए एक योग्य उम्मीदवार बताया।
दोनों का एक साथ संन्यास अप्रत्याशित
अश्विन ने कहा कि मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि रोहित और कोहली दोनों एक साथ संन्यास ले लेंगे। यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय है। अब यह वास्तव में गौतम गंभीर के युग की शुरुआत है। उन्होंने आगे कहा कि इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी जाने वाली भारतीय टीम पूरी तरह से नई होगी, जिसमें बुमराह सबसे सीनियर खिलाड़ी हो सकते हैं।
फिटनेस का मद्दा अहम
अश्विन ने बुमराह को कप्तानी के लिए एक मजबूत दावेदार बताया, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति और चोटों के इतिहास को एक महत्वपूर्ण कारक माना। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ टेस्ट में कप्तानी की थी और सिडनी में रोहित की अनुपस्थिति में भी टीम का नेतृत्व किया था। हालांकि, सिडनी टेस्ट के दौरान उनकी पीठ में तकलीफ हुई थी, जिसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज, चैंपियंस ट्रॉफी और आईपीएल 2025 की शुरुआत में हिस्सा नहीं लिया। अश्विन ने कहा, “बुमराह निश्चित रूप से कप्तानी के हकदार हैं लेकिन चयनकर्ता उनकी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला लेंगे।”
कौन होगा अगला कप्तान?
हालांकि बुमराह उप-कप्तान रह चुके हैं, लेकिन शुभमन गिल को रोहित के उत्तराधिकारी के रूप में प्रबल दावेदार माना जा रहा है। अश्विन ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन यह स्पष्ट है कि चयनकर्ताओं के सामने एक कठिन फैसला है। बुमराह की चोटों को देखते हुए गिल को प्राथमिकता दी जा सकती है।
नेतृत्व का खालीपन
रोहित और कोहली के अनुभव को अपूरणीय बताते हुए अश्विन ने कहा कि इनके संन्यास से नेतृत्व में एक बड़ा खालीपन आ गया है। अनुभव को किसी दुकान से खरीदा नहीं जा सकता, खासकर इंग्लैंड जैसे दौरे पर विराट की ऊर्जा और रोहित की शांतचित्तता की कमी खलेगी।
रोहित और कोहली में बचा था काफी क्रिकेट
अश्विन का मानना है कि दोनों खिलाड़ियों में अभी और क्रिकेट बाकी था। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि विराट में निश्चित रूप से एक-दो साल का टेस्ट क्रिकेट और बचा था। रोहित भी कम से कम इंग्लैंड सीरीज तक खेल सकते थे, क्योंकि टीम में नेतृत्व की कमी है। अश्विन ने रोहित की 2021 की इंग्लैंड सीरीज में बल्लेबाजी को उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी करार दिया, जहां रोहित और केएल राहुल की सलामी जोड़ी ने भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई थी। उन्होंने कहा, “2018-19 से 2022-23 तक रोहित का टेस्ट बल्लेबाजी में स्वर्णिम दौर था। ऑस्ट्रेलिया में कोविड सीरीज में भी उनकी बल्लेबाजी शानदार थी।”
टेस्ट क्रिकेट के ब्रांड एम्बेसडर कोहली
विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट का ब्रांड एम्बेसडर बताते हुए अश्विन ने उनकी कुछ यादगार पारियों को याद किया। उन्होंने 2014 में एडिलेड में कोहली की कप्तानी में खेली गई दोहरी शतकों की पारी को शानदार बताया, हालांकि उस मैच में भारत जीत नहीं सका। इसके अलावा, 2018 में जोहान्सबर्ग में 153 रन और पिंक-बॉल टेस्ट में 74 रन की पारी को भी अविस्मरणीय करार दिया। अश्विन ने कहा, “कोहली की कुछ बेहतरीन पारियां जीत में नहीं बदलीं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी हमेशा शानदार थी।”
