ठंड के मौसम में सिरदर्द की समस्या काफी आम हो जाती है। जैसे-जैसे तापमान गिरता है, वैसे-वैसे अस्पतालों में सिरदर्द, माइग्रेन और साइनस से जुड़े दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ठंडी हवा, सूखा मौसम और दिनचर्या में बदलाव से शरीर पर सीधा असर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में ब्लड वेसल्स का सिकुड़ना, साइनस में नमी की कमी और गर्दन-कंधों की मांसपेशियों में तनाव सिरदर्द का बड़ा कारण बनता है। हालांकि पेनकिलर से तुरंत राहत मिल जाती है, लेकिन लंबे समय तक इससे बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव करना ज्यादा जरूरी है। तो चलिए इस बारे में हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स की वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रुक्मिणी मृदुला कंडादाई से जानते हैं…

ठंड में भी शरीर को हाइड्रेट रखना है जरूरी

सर्दियों में प्यास कम लगती है, जिससे लोग पानी पीना भूल जाते हैं। यही पानी की कमी सिरदर्द की एक बड़ी वजह बन जाती है। डॉ. रुक्मिणी के अनुसार, ठंड के मौसम में भी रोजाना दो से तीन लीटर पानी पीने का लक्ष्य रखना चाहिए। पानी के साथ-साथ अदरक या पुदीने की गर्म हर्बल चाय पीना भी फायदेमंद होता है। यह न सिर्फ शरीर को गर्म रखती है, बल्कि साइनस में जमा जकड़न को भी कम करती है। इस बात का ध्यान रखें कि ज्यादा कैफीन वाले ड्रिंक्स जैसे कॉफी या एनर्जी ड्रिंक से बचें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन को और बढ़ा सकते हैं।

तापमान का संतुलन बनाए रखना जरूरी

अचानक ठंडी हवा के संपर्क में आने से सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए सर्दियों में सही तरीके से कपड़े पहनना बहुत जरूरी है। लेयर्स में कपड़े पहनें, यानी अंदर हल्का कपड़ा, बीच में गर्म लेयर और ऊपर से हवा रोकने वाला जैकेट या स्वेटर। गर्दन को ढकने के लिए स्कार्फ और सिर को ढकने के लिए टोपी या बीनी पहनना फायदेमंद होता है। इससे सिर और गर्दन के आसपास ब्लड फ्लो संतुलित रहता है और ठंड का सीधा असर नहीं पड़ता।

गर्दन और कंधों की हल्की एक्सरसाइज करें

ठंड के कारण मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, जिससे टेंशन हेडेक की समस्या होती है। रोजाना कुछ आसान एक्सरसाइज करने से इससे काफी हद तक राहत मिल सकती है। डॉ. रुक्मिणी बताती हैं कि कंधों को धीरे-धीरे 10 बार आगे और पीछे घुमाना, सिर को दोनों तरफ 20-20 सेकंड तक झुकाना और दिन में 5 बार चिन टक्स करना बेहद फायदेमंद है। ये एक्सरसाइज ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है और गर्दन व कंधों का तनाव कम करती हैं। शोधों में भी यह बात साबित हो चुकी है कि हल्की स्ट्रेचिंग से सिरदर्द की समस्या कम होती है।

ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें

सर्दियों में घर के अंदर हीटर या ब्लोअर चलाने से हवा बहुत सूखी हो जाती है। इससे साइनस में जलन होती है और सिरदर्द बढ़ सकता है। ऐसे में घर में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना अच्छा विकल्प है। हवा में नमी का स्तर 40 से 60 प्रतिशत तक बनाए रखने की कोशिश करें। इसके साथ ही घर में कुछ एयर-प्यूरिफाइंग पौधे लगाना भी फायदेमंद होता है।

नींद और तनाव को नजरअंदाज न करें

सर्दियों में दिन छोटे और रातें लंबी हो जाती हैं, जिससे नींद का पैटर्न बिगड़ सकता है। नींद की कमी सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या को बढ़ा देती है। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है। सोने का कमरा ठंडा, शांत और अंधेरा रखें। इसके अलावा रोजाना 10 मिनट का मेडिटेशन या गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें। तनाव कम होने से माइग्रेन और सिरदर्द की आवृत्ति में काफी कमी देखी गई है।

डाइट में करें सही बदलाव

सिरदर्द से बचाव के लिए खानपान का सही होना भी जरूरी है। अपनी डाइट में एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स शामिल करें। अखरोट जैसे ओमेगा-3 से भरपूर ड्राई फ्रूट्स, पालक जैसी हरी सब्जियां और हल्दी वाली चाय बेहद फायदेमंद होती हैं। प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी और शराब से दूरी बनाएं, क्योंकि ये नसों पर गलत असर डालते हैं और सिरदर्द को बढ़ा सकते हैं।

निष्कर्ष

सर्दियों में सिरदर्द आम समस्या है, लेकिन सही आदतें अपनाकर इससे बचाव संभव है। पानी पीना, सही कपड़े पहनना, हल्की एक्सरसाइज, अच्छी नींद और संतुलित डाइट सिरदर्द से राहत दिलाने में मदद करती है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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