डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित रूप से घटता-बढ़ता रहता है, जिसके कारण हृदय रोग, त्वचा संबंधी समस्याएं, नर्व डैमेज, पैरों से संबंधित समस्याएं, किडनी फेलियर और अन्य कई तरह की गंभीर स्थिति का जोखिम बढ़ जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो खानपान रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खाने के बाद रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि को पोस्टप्रांडियल कहा जाता है वहीं भोजन करने के बाद इस स्थिति को हाइपरग्लाइसीमिया के रूप में जाना जाता है।
खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल कई कारकों से प्रभावित होता है, जैसे भोजन का आकार, खाने का समय, आपकी दवाई का समय और आपके द्वारा खाई जा रही चीजें। हाल ही में न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के कुछ टिप्स साझा किए हैं। जानिये क्या हैं वह टिप्स-
अपने भोजन को जाचें: न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों को सुबह से लेकर शाम तक अपने खाने को जांचना चाहिए। जैसे मिठाई, सफेद ब्रेड और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें, जो खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल को ट्रिगर कर सकता है। आप चाहें तो डाइट चार्ट के अनुसार भोजन कर सकते हैं, जिससे आपको रक्त शर्करा के स्तर को काबू करने में मदद मिलेगी।
छोटा भोजन करें: डायटिशियन डायबिटीज के मरीजों को एक-साथ बड़ा भोजन करने की जगह थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद छोटा भजोन करने की सलाह देती हैं। क्योंकि इससे ब्लड शुगर लेवल में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव को रोकने में मदद मिलती है। अध्ययनों ने इस बात पर भी रोशनी डाली है कि 3 बड़े भोजन के बजाय छोटा भोजन खाने से रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का करें सेवन: डायबिटीज के मरीजों को कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। क्योंकि जिन चीजों का GI अधिक होता है, उनके सेवन से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
कार्ब्स: कार्ब्स रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित करते हैं। इसलिए मधुमेह के रोगियों को कम कार्ब्स वाले भोजन का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
