Vitamin D Superfoods: आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। गलत खानपान, धूप से दूरी और अनियमित दिनचर्या की वजह से शरीर में विटामिन डी की कमी तेजी से बढ़ रही है। विटामिन डी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। यह न सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, हड्डियों में दर्द और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

विटामिन डी पाने का सबसे प्राकृतिक और आसान तरीका है धूप। रोजाना सुबह की हल्की धूप में 10 से 15 मिनट बैठने या टहलने से शरीर खुद विटामिन डी बनाता है। खासकर सुबह 8 से 10 बजे की धूप ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है। लेकिन अगर किसी वजह से आप रोज धूप नहीं ले पा रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही नाश्ते के जरिए भी इस कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।

नाश्ते से कैसे पूरी करें विटामिन डी की कमी?

सुबह का नाश्ता दिन का सबसे अहम भोजन माना जाता है। अगर नाश्ते में विटामिन डी से भरपूर चीजें शामिल कर ली जाएं, तो शरीर को दिन की शुरुआत से ही जरूरी पोषण मिलने लगता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ ब्रेकफास्ट फूड्स के बारे में, जो विटामिन डी की कमी को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

अंडा

अंडा विटामिन डी का बेहतरीन स्रोत है, खासकर उसका पीला भाग यानी यॉल्क। रोजाना एक उबला अंडा या हल्का सा ऑमलेट खाने से विटामिन डी के साथ-साथ प्रोटीन भी मिलता है। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है।

मशरूम

मशरूम उन गिने-चुने शाकाहारी फूड्स में से है, जिसमें प्राकृतिक रूप से विटामिन डी पाया जाता है। अगर मशरूम को धूप में सुखाकर खाया जाए, तो इसमें विटामिन डी की मात्रा और बढ़ जाती है। नाश्ते में मशरूम की सब्जी, सूप या सलाद बनाकर आसानी से इसे शामिल किया जा सकता है।

फोर्टिफाइड दूध और अनाज

आजकल बाजार में फोर्टिफाइड दूध, कॉर्नफ्लेक्स और अन्य अनाज आसानी से मिल जाते हैं, जिनमें विटामिन डी मिलाया जाता है। सुबह एक गिलास फोर्टिफाइड दूध पीना या दूध के साथ फोर्टिफाइड अनाज खाना विटामिन डी की कमी को दूर करने का आसान तरीका है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है।

फैटी फिश

अगर आप मछली खाते हैं, तो फैटी फिश जैसे साल्मन, टूना और मैकेरल विटामिन डी का बहुत अच्छा स्रोत हैं। ये मछलियां हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद होती हैं। हल्की ग्रिल या सैंडविच के रूप में इन्हें नाश्ते में शामिल किया जा सकता है।

फोर्टिफाइड ऑरेंज जूस

कुछ कंपनियों का ऑरेंज जूस विटामिन डी से फोर्टिफाइड होता है। सुबह नाश्ते में एक गिलास ऐसा जूस पीने से शरीर को ताजगी मिलती है और विटामिन डी की जरूरत भी पूरी होती है। हालांकि, बिना चीनी वाला जूस चुनना ज्यादा बेहतर रहता है।

दही और ओटमील भी हैं फायदेमंद

फोर्टिफाइड दही विटामिन डी के साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है। इसे फल और नट्स के साथ खाने से नाश्ता और पौष्टिक हो जाता है। वहीं, फोर्टिफाइड ओटमील फाइबर से भरपूर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और सेहत को दुरुस्त रखता है।

विटामिन डी की कमी के आम लक्षण

अगर शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाए, तो इसके कुछ साफ संकेत दिखाई देने लगते हैं। जैसे मांसपेशियों में दर्द, जल्दी थकान महसूस होना, हड्डियों में कमजोरी, बार-बार सर्दी-खांसी या संक्रमण होना। ऐसे लक्षण नजर आएं तो खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

निष्कर्ष

विटामिन डी की कमी को दूर करना कोई मुश्किल काम नहीं है। रोजाना की हल्की धूप और सही नाश्ते की आदत से इस कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। अगर आप दिन की शुरुआत विटामिन डी से भरपूर नाश्ते के साथ करते हैं, तो न सिर्फ आपकी हड्डियां मजबूत रहेंगी, बल्कि आपकी इम्युनिटी और एनर्जी लेवल भी बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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