हमारा शरीर कई जरूरी अंगों से मिलकर बना है, लेकिन किडनी उनमें से एक ऐसा अंग है जो बिना थके हर पल काम करता रहता है। किडनी का मुख्य काम खून को साफ करना, शरीर से बेकार पदार्थ और टॉक्सिन्स बाहर निकालना और पानी-नमक का संतुलन बनाए रखना है। लेकिन अक्सर लोग किडनी की सेहत पर ध्यान नहीं देते। एक्सपर्ट की मानें तो किडनी से जुड़ी बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआत में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। ऐसे में पेशाब यानी यूरिन में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव किडनी की खराबी की शुरुआती चेतावनी हो सकते हैं। इन्हें समय रहते समझना और जांच कराना बहुत जरूरी है। आइए इस बारें में KIMS हॉस्पिटल, ठाणे के कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ. अजीत गुजेला से जानते हैं…

किडनी क्यों है सेहत के लिए इतनी जरूरी

किडनी हमारे शरीर का फिल्टर सिस्टम है। यह खून से गंदगी छानकर यूरिन के जरिए बाहर निकालती है। इसके साथ ही किडनी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, खून बनाने में मदद करने और हड्डियों को मजबूत रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। अगर किडनी ठीक से काम न करे तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिससे थकान, सूजन, हाई ब्लड प्रेशर और कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

पेशाब में झाग: किडनी खराब होने का अहम संकेत

पेशाब करते समय अगर बार-बार और ज्यादा झाग बनता दिखे, तो यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है। आमतौर पर स्वस्थ किडनी प्रोटीन को खून में ही रोककर रखती है, लेकिन जब किडनी का फिल्टर कमजोर हो जाता है, तो प्रोटीन यूरिन में जाने लगता है। इसी वजह से पेशाब में झाग दिखाई देता है। हालांकि हर बार झाग दिखना खतरे की बात नहीं होती। तेज एक्सरसाइज करने, बुखार होने, शरीर में पानी की कमी या बहुत तेजी से पेशाब करने पर भी झाग बन सकता है। लेकिन अगर झाग लगातार बना रहे और कम न हो, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

पेशाब में दिखने वाले दूसरे बदलाव

किडनी की समस्या सिर्फ झाग तक सीमित नहीं होती। पेशाब के रंग में बदलाव, बहुत गाढ़ा या बहुत हल्का पेशाब, पेशाब में खून आना, बदबू आना या पेशाब करते समय जलन भी किडनी की परेशानी के संकेत हो सकते हैं। इसके अलावा पैरों, चेहरे या आंखों के आसपास सूजन, बार-बार पेशाब आना या रात में ज्यादा पेशाब लगना भी चेतावनी हो सकती है।

कौन-कौन से टेस्ट कराना जरूरी है

KIMS हॉस्पिटल, ठाणे के कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ. अजीत गुजेला के अनुसार, किडनी की शुरुआती जांच के लिए यूरिन डिपस्टिक टेस्ट एक आसान और सस्ता तरीका है। यह टेस्ट बताता है कि पेशाब में प्रोटीन मौजूद है या नहीं। कई बार यह टेस्ट घर पर भी किया जा सकता है। हालांकि यह सिर्फ संकेत देता है, प्रोटीन की सही मात्रा नहीं बताता। इसके अलावा यूरिन एल्बुमिन-क्रिएटिनाइन रेशियो (UACR) टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह टेस्ट पेशाब में एल्बुमिन और क्रिएटिनाइन की मात्रा का अनुपात बताता है। अगर यह रेशियो बार-बार ज्यादा आता है, तो इसका मतलब है कि किडनी को नुकसान हो रहा है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को ये टेस्ट नियमित रूप से कराते रहना चाहिए, क्योंकि इन लोगों में किडनी खराब होने का खतरा ज्यादा होता है।

इन संकेतों को बिल्कुल हल्के में न लें

अगर पेशाब में लगातार झाग आ रहा हो, शरीर में सूजन दिख रही हो, ब्लड प्रेशर कंट्रोल में न रहता हो या टेस्ट रिपोर्ट में प्रोटीन और क्रिएटिनाइन बढ़े हुए हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज शुरू होने से किडनी को ज्यादा नुकसान होने से बचाया जा सकता है।

किडनी को स्वस्थ रखने के आसान उपाय

किडनी की सेहत बनाए रखने के लिए रोज पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है। संतुलित भोजन लें, ज्यादा नमक और तले-भुने खाने से बचें। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का ज्यादा सेवन न करें। साथ ही साल में एक बार हेल्थ चेक-अप जरूर कराएं।

निष्कर्ष

पेशाब में होने वाले बदलाव शरीर का एक अहम संकेत होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। झागदार पेशाब या रंग-गंध में बदलाव किडनी की खराबी की शुरुआती चेतावनी हो सकते हैं। समय रहते जांच और सही देखभाल से किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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