पैर हमारी बॉडी का अहम अंग हैं जो हमारी बॉडी को एक्टिव और सीधा रखते हैं। पैर हमारी बॉडी की हेल्थ का हाल भी बयां करते हैं। हमारी बॉडी में होने वाली कुछ परेशानियों और बीमारियों का संकेत हमें पैरों से मिलता है। आप जानते हैं कि पैर दिल की बीमारी, किडनी की परेशानी और नर्वस सिस्टम में होने वाली परेशानी का संकेत देते हैं।
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में पब्लिश रिपोर्ट के मुताबिक आपके पैरों का दर्द आपकी हेल्थ से जुड़ी किस परेशानी का संकेत देता है आपको इसको समझने की जरूरत है। किसी को रोजाना पैरों में सूजन होती है तो किसी को पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और पैर ठंडे रहते हैं। पैरों में होने वाली ये सभी परेशानियां साधारण नहीं हैं ये आपकी बॉडी के अंदर होने वाली बीमारियों का संकेत हैं। आइए जानते हैं कि पैरों में कौन-कौन सी चार परेशानियां होती हैं और इसका कारण क्या है?
पैरों में क्रैम्प आना
सर्दी में अक्सर लोगों को पैरों में क्रैम्प आने की परेशानी होती है जिसके लिए ठंड भी एक वजह हो सकती है। अगर गर्मी में आपके पैरों में क्रैंप आ रहे हैं तो उसका सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन है। गर्मी में वर्कआउट करने के बाद खासतौर पर पैरों में क्रैम्प आना इस बात के संकेत हैं कि आपकी बॉडी में पानी की कमी है। हमारी मांसपेशियां को पानी, सोडियम और पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट की जरूरत होती है। बहुत कम तरल पदार्थों का सेवन या कम इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करने से पैरों में मांसपेशियों को कंट्रोल करने वाली नसों को जरूरत से ज्यादा संवेदनशील बना सकती हैं जिससे मांसपेशियां सिकुड़ सकती हैं या ऐंठन का कारण बन सकती है।
पैरों में सूजन आना
कभी-कभी ज्यादा चलने से या फिर खराब जूते-चप्पल पहनने से पैरों में सूजन आ सकती है लेकिन आपको पैरों में अक्सर सूजन आती है तो ये परेशानी का संकेत है। पैरों में लगातार सूजन को एडिमा के रूप में जाना जाता है। ये परेशानी हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की परेशानी, लिवर से जुड़ी समस्या या फिर दिल के रोगों से जुड़ी बीमारी का संकेत हैं। सूजन तब होती है जब शरीर के ऊतकों में ज्यादा फ्लूड जमा हो जाता है जो खराब सर्कुलेशन या फ्लूड रिटेंशन के कारण हो सकता है। अगर आपको सूजन की परेशानी रहती है तो आप पैरों को लटका कर नहीं बैठे बल्कि ऊपर उठाएं। पैरों को ऊपर रखें। पानी का अधिक सेवन करें। नमक कम खाएं और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
पैरों में दर्द, जलन, सुन्नता और झुनझुनी होना
पैरों में दर्द, जलन, सुन्नता और झुनझुनी होने का कारण डायबिटीज हो सकता है। ये डायबिटीज न्यूरोपैथी के लक्षण हो सकते हैं जो डायबिटीज के कारण होने वाली नर्व्स प्रॉब्लम है। हाई ब्लड शुगर न केवल उन छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है बल्कि नसों को भी नुकसान पहुंचाता हैं। अगर आपको पैरों में इस तरह की कुछ परेशानी होती है तो तुरंत ब्लड शुगर की निगरानी करें। हाई ब्लड शुगर दिल के रोग,किडनी और सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है।
स्पाइडर वेन्स का दिखाई देना
स्पाइडर वेन्स दिखने का संबंध हार्मोनल परिवर्तन से है। स्पाइडर नसें स्किन के ठीक नीचे दिखाई देने वाली छोटी, मुड़ी हुई रक्त वाहिकाएं है जो एस्ट्रोजन हॉर्मोन के स्तर से जुड़ी होती हैं। गर्भावस्था, बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन या हार्मोनल असंतुलन जैसी स्थितियों के कारण ये नसें दिखाई दे सकती हैं, खासकर पैरों में। हालांकि नसों के दिखाई देने से कोई परेशानी नहीं होती है। नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी वेट बनाए रखने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार हो सकता है और स्पाइडर वेन्स कम दिखाई देती हैं। उपचार के लिए आप डॉक्टर से सलाह लें।
पैरों का ठंडा है
लगातार पैर ठंडे रहना इस बात का संकेत हैं कि आपकी एनीमिया की परेशान है। बॉडी में खून की कमी होने से पैर ठंडे रहते हैं।
