Sambar-chawal effect on body: दक्षिण भारत ही नहीं, पूरे देश में सांभर-राइस को एक सुकून देने वाला और पेट भरने वाला खाना माना जाता है। चावल, दाल, सब्जियों और मसालों से बना यह व्यंजन अक्सर कम्प्लीट मील कहा जाता है। बहुत से लोग इसे तले-भुने और जंक फूड के मुकाबले ज्यादा हेल्दी विकल्प मानते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या रोजाना सांभर राइस खाना वाकई सेहत के लिए सही है? इस पर बेंगलुरु की डॉक्टर सुवेथा, फिजिशियंस एसोसिएशन फॉर न्यूट्रिशन इंडिया (PANI) की एंबेसडर, ने अहम जानकारी दी है।
सांभर-चावल रोज खाना हेल्दी है या हानिकारक
डॉ. सुवेथा के मुताबिक, सांभर-राइस अपने आप में अनहेल्दी नहीं है। इसमें कार्बोहाइड्रेट (चावल), प्लांट प्रोटीन (दाल), सब्ज़ियां और मसाले शामिल होते हैं, जो इसे एक संतुलित भोजन बना सकते हैं। वह कहती हैं कि अगर इसकी तुलना तले हुए खाने, मैदा से बनी चीजों या प्रोसेस्ड फूड से करें, तो सांभर राइस कहीं बेहतर विकल्प है। लेकिन असली दिक्कत तब शुरू होती है जब लोग इसे रोज एक ही तरह से और बिना संतुलन के खाने लगते हैं।
रोज खाने में कहां हो जाती है गलती?
अक्सर लोग बड़ी मात्रा में सफेद चावल ले लेते हैं और उसके साथ पतला सा सांभर, जिसमें सब्ज़ियां बहुत कम होती हैं। ऐसा खाना पेट तो भर देता है, लेकिन शरीर को पूरी पोषण नहीं दे पाता। डॉ. सुवेथा बताती हैं कि अगर रोज का भोजन इसी तरह का हो जाए, तो लंबे समय में सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। सही तरीका यह है कि चावल की मात्रा सीमित हो और सांभर में भरपूर सब्जियां डाली जाएं।
कैसा हो हेल्दी सांभर राइस?
एक पौष्टिक सांभर राइस वही है जिसमें चावल की मात्रा कम हो, सांभर गाढ़ा और सब्जियों से भरपूर हो और अलग-अलग तरह की सब्जियां इस्तेमाल की जाएं। ऐसा करने से शरीर को फाइबर, विटामिन और मिनरल्स बेहतर मात्रा में मिलते हैं और खाना सच में कम्प्लीट मील बन पाता है।
रोज सांभर राइस खाने से कौन-कौन सी कमी हो सकती है?
डॉ. सुवेथा के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति रोज सिर्फ सांभर राइस पर ही निर्भर रहता है और बाकी फूड ग्रुप्स शामिल नहीं करता, तो माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी हो सकती है। उनके अनुसार, चावल और दाल मिलकर भी शरीर को सारे जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं दे पाते। अगर डाइट में दही, सोया मिल्क, फल, नट्स और बीज शामिल न हों, तो ये कमियां धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं।
इन कमियों के क्या लक्षण हो सकते हैं?
- थकान
- बालों का झड़ना
- शरीर में दर्द
- इम्युनिटी कमजोर होना
- सामान्य कमजोरी
चावल की मात्रा क्यों है सबसे अहम?
डॉ. सुवेथा खासतौर पर सफेद चावल की मात्रा पर ध्यान देने की सलाह देती हैं। भारत में डायबिटीज का खतरा पहले से ही ज्यादा है। ऐसे में रोज बड़ी मात्रा में सफेद चावल खाना नुकसानदायक हो सकता है। वह बताती हैं कि सफेद चावल ज्यादा खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है। अगर यह आदत रोज की बन जाए, तो पेट की चर्बी, इंसुलिन रेजिस्टेंस और आगे चलकर डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
सांभर राइस रोज खाना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन उसे सही तरीके से खाना बहुत जरूरी है। चावल की मात्रा कम रखें, सांभर में खूब सारी सब्जियां डालें, दाल और सब्जियों में बदलाव करते रहें और साथ में दही, फल, नट्स जैसे अन्य हेल्दी फूड भी शामिल करें।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
