Paracetamol in Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की दवा लेना महिलाओं के लिए हमेशा चिंता का कारण रहा है। हल्का सा सिरदर्द, बुखार या बदन दर्द हो, तो भी मन में सवाल आता है कि दवा लेना सुरक्षित है या नहीं। खासतौर पर पैरासिटामोल जैसी आम दवा को लेकर पिछले कुछ सालों से सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जाता रहा कि गर्भावस्था में इसे लेने से बच्चों में ऑटिज्म, ADHD या मानसिक विकास से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में यह रिपोर्ट कई गर्भवती महिलाओं के मन में डर पैदा कर दिया है। तो चलिए जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल लेना हानिकारक हो सकता है या नहीं…

क्या कहती है रिसर्च?

दरअसल, द लैंसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड विमेंस हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक नई रिसर्च के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल लेने से बच्चों में ऑटिज्म, ADHD या मानसिक विकास का खतरा नहीं बढ़ता है। यह स्टडी अब तक की सबसे भरोसेमंद रिसर्च मानी जा रही है, क्योंकि इसमें वैज्ञानिक तरीकों का सख्ती से पालन किया गया है और पुराने अध्ययनों की कमियों को भी ध्यान में रखा गया है।

क्यों खास है यह स्टडी?

इस रिसर्च को गोल्ड-स्टैंडर्ड एविडेंस रिव्यू कहा जा रहा है। इसमें कुल 43 अलग-अलग अध्ययनों का विश्लेषण किया गया। खास बात यह रही कि इसमें केवल उन्हीं अध्ययनों को ज्यादा महत्व दिया गया, जो मेथडोलॉजी के लिहाज से मजबूत थे। इसमें भाई-बहनों की तुलना वाले अध्ययन भी शामिल किए गए। ऐसे अध्ययनों में एक ही परिवार के बच्चों की तुलना की जाती है, जिससे जेनेटिक कारण और पारिवारिक माहौल लगभग समान रहते हैं। इससे यह समझना आसान हो जाता है कि किसी समस्या की असली वजह दवा है या कोई और कारण।

पहले क्यों फैला डर?

दरअसल, कुछ साल पहले आई कुछ रिपोर्ट्स और मेटा-एनालिसिस में यह दावा किया गया था कि प्रेग्नेंसी में पैरासिटामोल लेने से बच्चों में ऑटिज्म या ADHD का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है। सितंबर 2025 में अमेरिका में आई एक सलाह के बाद यह डर और ज्यादा फैल गया। लेकिन नई स्टडी बताती है कि उन पुराने अध्ययनों में कई तरह के पूर्वाग्रह (Bias) मौजूद थे। यानी जिन महिलाओं ने पैरासिटामोल लिया, उनके साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती थीं, जिनका असर बच्चों के विकास पर पड़ा हो।

असली वजह क्या हो सकती है?

नई रिसर्च के अनुसार, पहले जो संबंध दिखाया गया था, वह सीधे पैरासिटामोल की वजह से नहीं था। इसके पीछे कई अन्य कारण हो सकते हैं, जैसे – गर्भावस्था के दौरान मां को बार-बार बुखार या दर्द रहना, किसी तरह का संक्रमण, ज्यादा तनाव या बेचैनी या फिर जेनेटिक यानी आनुवंशिक कारण। इन सभी चीजों का असर बच्चे के न्यूरोडेवलपमेंट पर पड़ सकता है। ऐसे में गलती से पैरासिटामोल को गलत मान लिया गया।

पैरासिटामोल क्यों दी जाती है?

पैरासिटामोल को गर्भावस्था में सबसे सुरक्षित दर्द निवारक और बुखार की दवा माना जाता है। तेज बुखार खुद भी गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर अक्सर पैरासिटामोल लेने की सलाह देते हैं, ताकि मां और बच्चे दोनों सुरक्षित रहें।

निष्कर्ष

नई रिसर्च के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। द लैंसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड विमेंस हेल्थ जर्नल में प्रकाशित गोल्ड-स्टैंडर्ड एविडेंस रिव्यू के अनुसार, सही मात्रा और डॉक्टर की सलाह के साथ पैरासिटामोल लेने से बच्चों में ऑटिज्म, ADHD या मानसिक विकास से जुड़ी समस्याओं का खतरा नहीं बढ़ता है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि गर्भावस्था में कोई भी दवा बिना जरूरत और बिना डॉक्टर की सलाह के न ली जाए।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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