पवित्र रिश्ता सीरियल से हर घर में अपनी पहचान बनाने वाली प्रिया मराठे कैंसर से जंग हार गईं। अभिनेत्री प्रिया मराठे का 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद, 31 अगस्त को मुंबई के मीरा रोड स्थित उनके आवास पर उनका निधन हो गया। प्रिया मराठे पिछले दो सालों से कैंसर से जूझ रही थीं, लेकिन इलाज के बावजूद उनकी हालत बिगड़ती गई और अंत में उन्होंने जिंदगी को अलविदा कह दिया।
आयुर्वेदिक और यूनानी एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक, कैंसर एक ऐसा नाम है जो सुनते ही डर पैदा कर देता है और खासतौर पर महिलाओं के लिए यह खतरा और भी बड़ा बन सकता है। ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओवरी कैंसर जैसे रोग महिलाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। कैंसर को जानलेवा बीमारी कहा जाता है, जो एक बार किसी को हो जाए तो धीरे-धीरे शरीर के अंगों को प्रभावित और कमजोर करती रहती है। आजकल कैंसर महिलाओं और पुरुषों दोनों में होता है। कैंसर कई प्रकार का होता है। हालांकि, कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, केवल महिलाओं में होते हैं, लेकिन 30 साल के बाद महिलाओं में कैंसर के 7 लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
महिलाओं में कैंसर के लक्षण
अपोलो हॉस्पिटल्स के मुताबिक, महिलाओं को प्रभावित करने वाले सबसे आम प्रकार के कैंसर हैं ब्रेस्ट, फेफड़े, कोलोरेक्टल, सर्वाइकल, एंडोमेट्रियल, त्वचा और डिम्बग्रंथि के कैंसर। इनमें से प्रत्येक कैंसर शरीर में कुछ बदलावों को प्रभावित करता है, इसलिए शुरुआती चरण में कैंसर का पता लगाने पर ध्यान देना और जब भी शरीर में कुछ नया या अलग दिखे, तो उसे नोटिस कर और जांच करना जरूरी है।
असामान्य मासिक धर्म या पेट दर्द
जिन महिलाओं को असामान्य मासिक धर्म का अनुभव होता है, तो यह कोई असामान्य लक्षण नहीं है। ऐसे कई कारण हैं जो मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकते हैं, जैसे कि गर्भावस्था, मोटापा, डिम्बग्रंथि के सिस्ट, थायरॉयड चरम, रजोनिवृत्ति और तनाव आदि। अगर, लंबे समय तक ऐसा हो रहा है तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है। इसके अलावा लगातार पेट में दर्द हो रहा है, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए, क्योंकि डिम्बग्रंथि, गर्भाशय ग्रीवा, एंडोमेट्रियल और कुछ अन्य प्रकार के कैंसर भी लगातार पेट दर्द का कारण बन सकते हैं।
खूनी मल या योनि स्राव
मल में खून आना कोई आम समस्या नहीं है। आमतौर पर कब्ज या बवासीर के कारण ऐसा होता है। लगभग 75% पुरुष और महिलाएं किसी न किसी समय मल में खून की समस्या से पीड़ित होते हैं। हालांकि, यह ऐसी चीज नहीं है जिसे अनदेखा किया जाना चाहिए। मल में खून आना कभी भी सामान्य नहीं होता है और इससे कोलन कैंसर हो सकता है। इसी तरह, योनि से गहरा, खूनी और बदबूदार स्राव गर्भाशय ग्रीवा, एंडोमेट्रियल या योनि कैंसर का चेतावनी संकेत है।
वजन घटना या बढ़ना
कई महिलाएं वजन घटने और बढ़ने को अनदेखा कर देती हैं। हालांकि, असामान्य या अत्यधिक वजन कम होना या बढ़ना भी चिंताजनक होता है। वजन या भूख में बदलाव कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। ल्यूकेमिया, अग्नाशय, यकृत और ग्रासनली कैंसर का संकेत हो सकता है।
स्तनों में बदलाव
स्तन कैंसर के बारे में सतर्क रहने वाली महिलाएं जानती हैं कि स्तन में गांठ और उभार को कैसे पहचाना जाए। हालांकि, स्तन में गड्ढे जैसे कई अन्य लक्षण भी हैं जिनके बारे में बहुत से लोग नहीं जानते हैं। स्तन कैंसर के अन्य लक्षणों में त्वचा का रंग बदलना, सूजन और निप्पल का उल्टा होना शामिल है। अगर, स्तनों में किसी भी प्रकार का बदलाव दिखाई दे रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
पुरानी खांसी
हर कोई कभी न कभी बीमार पड़ता है और यह सर्दी से लेकर एलर्जी या फ्लू जैसी समस्या को फेस करता है। आमतौर पर लोग ऐसी चीजों को अनदेखा कर देते हैं और पैरासिटामोल या कफ सिरप से खुद ही दवा ले लेते हैं। लेकिन, अगर दो सप्ताह से ज्यादा खांसी है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। खून की खांसी भी फेफड़ों के कैंसर या ल्यूकेमिया का संकेत है।
निगलने में दर्द
अगर, कई दिनों तक निगलने में दिक्कत हो रही है, तो हो सकता है कि यह गले में खराश न हो और इसकी जांच करवानी चाहिए। लगातार लक्षण गले, पेट, फेफड़े और थायराइयड कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं। इन लक्षणों को बहुत लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
त्वचा में परिवर्तन
त्वचा पर नए धब्बों का दिखना या मौजूदा धब्बों के रंग, आकार या साइज में परिवर्तन होना त्वचा कैंसर का संकेत हो सकता है।
वहीं, एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ. बिमल झाजर ने बताया अगर आपका कोलेस्ट्रॉल हाई है तो आप एनिमल फूड्स का सेवन करने से परहेज करें।
