आज की बिगड़ती लाइफस्टाइल और खराब खानपान के कारण जो बीमारियां पहले उम्रदराज लोगों को हुआ करती थीं। वर्तमान में उन समस्याओं से युवा जूझ रहे हैं। ऐसे ही एक बीमारी है किडनी में स्टोन की। किडनी शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर करने का काम करती है। यह ब्लड से विषाक्त पदार्थों को दूर कर मूत्र-मार्ग के जरिए बाहर कर देती है।

बता दें, शरीर में पोटैशियम, प्रोटीन, सोडियम और शुगर की कमी के कारण किडनी में पथरी बनती है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन भी पथरी की मुख्य वजह है। ऐसे में पथरी की समस्या को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि, इसके कारण पेट के निचले हिस्से में बहुत अधिक दर्द, बार-बार पेशान आना, पेशाब में बदबू और उसका रंग गहरा हो जाना। पेशान में जलन और खून आने की समस्या भी होती है। साथ ही बुखार और उल्टी भी हो सकती है।

ऐसे में पथरी के दर्द को घरेलू नुस्खों के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। पथरी के तेज दर्द को कंट्रोल करने में प्याज का रस बेहद ही कारगर है। प्याज में एंटी-एलर्जिक, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-कार्सिनोजेनिक गुण पाए जाते हैं, जो कई तरह की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। प्याज के रस के रोजाना सेवन से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है।

पथरी के दर्द में प्याज का रस: इसके लिए सुबह खाली पेट प्याज के रस का सेवन करें। इससे पथरी के दर्द में राहत मिल सकती है।

खरबूज के बीज: इसके लिए एक गिलास पानी में 4 बड़ी इलायची के दाने, थोड़े खरबूज के बीज की गिरी, 1 चम्मच मिश्री को उबाल लें। ठंडा होने के बाद सुबह-शाम इसका सेवन करें। नियमित तौर पर खरबूज के बीज का सेवन करने से किडनी के दर्द से भी राहत मिल सकती है।

तुलसी: औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें एसिडिक एसिड समेत एंटी-ऑक्सीडेंट की भी अच्छी-खासी मात्रा होती है। यह पोषक तत्व पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर मूत्र मार्ग के रास्ते बाहर निकाल देते हैं। इसके लिए रोजाना तुलसी के पत्तियों का सेवन करना चाहिए।