Low Uric Acid Level: खराब जीवन शैली और खानपान के कारण कई लोगों में यूरिक एसिड का स्तर घट-बढ़ सकता है। बता दें कि शरीर में जब प्यूरीन का ब्रेकडाउन होता है तब यूरिक एसिड का प्रोडक्शन होता है। ये टॉक्सिक प्रोडक्ट आमतौर रक किडनी के जरिये निकल जाता है। मगर खून में इसकी घटती-बढ़ती मात्रा हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

बॉडी में यूरिक एसिड की अधिकता से तो कई लोग परिचित हैं, इस वजह से गठिया, गाउट और कई दूसरी परेशानियां भी हो सकती हैं। लेकिन कुछ मामलों में यूरिक एसिड के स्तर में जरूरत से ज्यादा गिरावट भी देखने को मिल सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये परेशानी हाई यूरिक एसिड जितना गंभीर नहीं होता है।

जानें कैसे कम होता है यूरिक एसिड: बताया जाता है कि यूरिक एसिड के स्तर में कमी आने पर लोगों के शरीर में जल्दी लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। लेकिन इस वजह से लोगों में कई स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब लोगों के यूरिन से यूरिक एसिड अधिक मात्रा में निकलने लगता है तो इससे ब्लड में इसकी मात्रा बढ़ती है।

क्या होती हैं परेशानियां: स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि बेशक यूरिक एसिड एक अपशिष्ट उत्पाद होता है लेकिन शरीर में ये बतौर एंटी-ऑक्सीडेंट कार्य करता है। ये बॉडी को कई हानिकारक तत्वों से बचाकर रखते हैं। कई अध्ययन से ये भी पता चलता है कि जिन लोगों में यूरिक एसिड की मात्रा कम होती है, उन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कई प्रकार के कैंसर का खतरा हो सकता है।

क्या होता है यूरिक एसिड का नॉर्मल रेंज: हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि महिलाओं और पुरुषों में यूरिक एसिड का लेवल अलग-अलग हो सकता है। महिलाओं में 1.5 से 6.0 mg/dL और पुरुषों में इसका स्तर 2.5 से लेकर 7.0 mg/dL हो सकता है। अगर टेस्ट रिजल्ट में यूरिक एसिड का स्तर इससे कम होता है तो लोगों को ध्यान में रखना चाहिए।

किन बातों का रखें ध्यान: स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि यूरिक एसिड का स्तर कम या ज्यादा होने पर लाइफस्टाइल और अपने आहार में बदलाव करना चाहिए। यूरिक एसिड के बढ़ने पर जहां हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ जाती हैं, वहीं लो यूरिक एसिड को ठीक करने के भी उपाय करना चाहिए। इसके स्तर को जांचने के लिए ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।